अनंत कालसर्प दोष क्या है| Anant Kaal Sarp Dosh in Hindi

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Anant Kaal Sarp Dosh in Hindi: अनंत कालसर्प दोष जातक की कुंडली में तब बनता है जब कुंडली के लग्न या पहले भाव में राहु ग्रह मौजूद हो और केतु सातवें भाव में मौजूद हो। इस प्रकार शेष सभी ग्रह दो छाया ग्रहों के बीच में आ जाते हैं। ये सारे ग्रह कुंडली में दाये या बाये ओर हो सकते है।

अनंत कालसर्प दोष, Anant Kaal Sarp Dosh in Hindi

अनंत कालसर्प दोष कब बनता है

अनंत काल सर्प दोष (Anant Kaal Sarp Dosh) में राहु प्रथम घर में होता है। यह लग्न को प्रभावित करता है यानि जातक के शरीर को प्रभावित करता है। राहु केतु को तीन दृष्टियाँ प्राप्त है जो गुरु के सामान है जिससे वह अपने स्थान से 5-7-9 घर को देखता है।

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लग्न से राहु पंचम स्थान को देखेगा यंहा पंचम के फल को प्रभावित करेगा जिसमे संतान और शिक्षा से सम्बंधित चीजे समाहित है। फिर लग्न से सप्तम को देखेगा जो विवाह का स्थान ,पत्नी का स्थान और साझेदारी का स्थान है। इस स्थान को भी प्रभावित करेगा। नवम दृष्टि नवम स्थान यानि भाग्य स्थान पर होगी। यंहा भाग्य के कारकत्व को प्रभावित करेगा। अब केतु सप्तम से लग्न को देखेगा जिससे यह लग्न को प्रभावित करेगा फिर पंचम दृष्टि लाभ स्थान पर होगी यानि लग्न से एकादश स्थान पर यह उसे भी प्रभावित करेगा। और नवम दृष्टि पराक्रम भाव पर यानि तीसरे घर पर जो भाई बहन के जीवन को प्रभावित करेगा।

अनंत काल सर्प दोष में मंगल और शनि का प्रभाव किन भावो पर कैसा है उसी के अनुसार इस काल सर्प दोष का प्रभाव कम या ज्यादा हो जायेगा। अनंत काल सर्प दोष का प्रभाव अलग अलग लग्नो पर भिन्न हो सकता है। अगर कोई शुभ ग्रह कमजोर है और वह 8वे या 12वे स्थान में हो तो भी कुछ ज्योतिषी इसे काल सर्प दोष में गिनते है।

अनंत कालसर्प दोष के लक्षण (Anant Kaal Sarp Dosh Effects)

  • इस योग (Anant Kaal Sarp Dosh) से प्रभावित व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक और सरकारी व अदालती मामलों से जुडी परेशानी उठानी पड़ सकती है।
  • ऐसे जातकों के व्यक्तित्व निर्माण में कठिन परिश्रम की जरूरत पड़ती है। उसके विद्यार्जन व व्यवसाय के काम बहुत सामान्य ढंग से चलते हैं और इन क्षेत्रों में थोड़ा भी आगे बढ़ने के लिए जातक को कठिन संघर्ष करना पड़ता है।
  • अगर इस दोष में चन्द्रमा कही से पीड़ित या कमजोर हो रहा है तो मानसिक पीड़ा कभी-कभी उसे घर- गृहस्थी छोड़कर वैरागी जीवन अपनाने के लिए भी उकसाया करती हैं।
  • लाटरी, शेयर व सूद के व्यवसाय में ऐसे जातकों की विशेष रुचि रहती हैं किंतु उसमें भी इन्हें ज्यादा हानि ही होती है।
  • शारीरिक रूप से उसे अनेक व्याधियों का सामना करना पड़ता है। उसकी आर्थिक स्थिति बहुत ही अस्थिर रहती है। फलस्वरूप उसकी मानसिक व्यग्रता उसके वैवाहिक जीवन में भी जहर घोलने लगती है।
  • जातक को माता-पिता के स्नेह व संपत्ति से भी वंचित रहना पड़ता है।
  • उसके निकट संबंधी भी नुकसान पहुंचाने से बाज नहीं आते। कई प्रकार के षड़यंत्रों व मुकदमों में फंसे ऐसे जातक की सामाजिक प्रतिष्ठा भी घटती रहती है। उसे बार-बार अपमानित होना पड़ता है।

जब जातक की कुंडली में यह दोष (Anant Kaal Sarp Dosh) होता है, तो उसे सफलता पाने के लिए अधिक समय तक संघर्ष करना पड़ता है। हालाँकि आप सफल होने के लिए बहुत मेहनत करेंगे। लेकिन परिणाम आपको देर से ही मिलेगा। अनंत कालसर्प दोष आपको लगातार बाधाओं और चुनौतियों से परिचित कराकर आपके धैर्य की परीक्षा लेगा। इस दोष के कारण व्यक्ति को अपने जीवन के सभी पहलुओं में समस्याओं का सामना करना पड़ता है। लेकिन यदि आप आशा नहीं खोते हैं, तो आपको बाद में सफलता मिलेगी। साथ ही जुआ, वासना आदि बुरे कार्यों में लिप्त न हों।

अनंत कालसर्प दोष कितने वर्ष तक रहता है (Anant Kaal Sarp Dosh Time Period)

ऐसा माना जाता है की अनंत काल सर्प दोष व्यक्ति के जीवन को जन्म से 27 वर्ष तक प्रभावित करता है।इस दोष का प्रभाव कितना होगा यह इस बात पर निर्भर करता है की अन्य ग्रह जैसे मंगल ,गुरु ,शुक्र भी पीड़ित है तो विवाह में समस्या होगी तथा चन्द्रमा पीड़ित है तो मानसिक समस्या जैसे अवसाद की स्थिति भी बन सकती है।

इसके बाद इस दोष (Anant Kaal Sarp Dosh) का प्रभाव कम होने लग जाता है। लेकिन 27 वर्ष की उम्र तक व्यक्ति की शिक्षा प्रभावित हो जाती है। हो सकता है की व्यक्ति उच्च शिक्षा हासिल न कर पाए। अगर विवाह जल्दी हो जाता है तो विवाह बाद समस्या तथा संतान सम्बंधित समस्या आदि को देखा जाता है। अनंत कालसर्प दोष लेकिन एक योग की तरह भी है तो इससे व्यक्ति कर्म और मेहनत के द्वारा बाद में सफलता हासिल कर लेता है।

अनंत कालसर्प योग सकारात्मक पहलु (Anant Kaal Sarp Dosh Positive Effects)

लेकिन प्रतिकूलताओं के बावजूद जातक के जीवन में एक ऐसा समय अवश्य आता है जब चमत्कारिक ढंग से उसके सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। वह चमत्कार किसी कोशिश से नहीं, अचानक घटित होता है। सम्पूर्ण समस्याओं के बाद भी जरुरत पड़ने पर किसी चीज की इन्हें कमी नहीं रहती है। यह किसी का बुरा नहीं करते हैं। इस दोष से पीड़ित व्यक्ति काफी साहसिक होते है और हर समस्या का सामना करने में सक्षम होते हैं।

जो जातक इस योग से ज्यादा परेशानी महसूस करते हैं। उन्हें निम्नलिखित उपाय कर लाभ उठाना चाहिए।

अनंत कालसर्प दोष के उपाय (Anant Kaal Sarp Dosh Remedies)

  • अनंत कालसर्प दोष के व्यक्तियों को शिव उपासना करनी चाहिए। प्रत्येक सोमवार शिवजी को दूध अर्पण करना चाहिए। अगर दूध में केसर मिला के तो यह विवाह के लिए भी कारगार रहेगा। लेकिन अगर दूध नहीं है तो जल से भी अभिषेक कर सकते है। जल में केसर या हल्दी मिला सकते है।
  • प्रतिदिन 21 माला  “ऊँ नम: शिवाय” मंत्र का जप करें। कुल जाप संख्या 21 हजार पूरी होने पर शिव का रुद्राभिषेक करें।
  • इस दोष (Anant Kaal Sarp Dosh) के जातको को अनैतिक कार्यो से दूर रहना चाहिए। किसी को व्यर्थ नहीं सताना चाहिए।
  • यदि संतान संबंधी कोई समस्या हो तो काले और सफेद रंग के कंबल जरूरतमंद व गरीब व्यक्ति को दान में दें।
  • विद्यार्थियों का मन पढ़ाई में नहीं लग पाता इसलिए विद्यार्थीजन सरस्वती जी के बीज मंत्रों का नित्य जाप करें और विधिवत उपासना करें।
  • देवदारु, सरसों तथा लोहबान को उबालकर उस पानी से सवा महीने तक स्नान करें।
  • शनिवार के दिन कच्चे कोयले को 8 बार उल्टा करके फहराएं। कोयले को बहते पानी में प्रवाहित करें। शुभ मुहूर्त में बहते पानी में कोयला तीन बार प्रवाहित करें।
  • नाग के जोड़े चांदी के बनवाकर उन्हें तांबे के लौटे में रख बहते पानी में एक बार प्रवाहित कर दें।
  • हनुमान चालीसा का 108 बार पाठ करना चाहिए लेकिन अगर नित्य एक बार भी पाठ करते है तो यह कारगार सिद्ध होता है। 40 दिनों तक दिन में पांच बार हनुमान चालीसा का पाठ करने से भी लाभ होगा।
  • महामृत्युन्जय मन्त्र का जाप करने से भी अनन्त काल सर्प दोष की शान्ति होता है। जप के लिए रुद्राक्ष माला को प्रयोग में लाना चाहिए।
  • अपने घर में मोर पंख रखना चाहिए।
  • जेब में लोहे की साबुत गोलियां रखना भी लाभप्रद होता हैं।
  • प्रतिदिन नवनागस्तोत्र का पाठ करें।
  • मनसा देवी को नागों की देवी माना जाता है. इनकी पूजा करने से भी इस दोष के अशुभ प्रभाव में कमी आती है।
  • अनन्त कालसर्प दोष होने पर श्राद्ध पक्ष या नागपंचमी के दिन में एकमुखी, आठमुखी और नौमुखी रुद्राक्ष धारण करें। इन रुद्राक्ष का कवच बनवा कर अभिमंत्रित करके धारण करे।
  • सात मुखी रुद्राक्ष अनंत नाम से विख्यात है। सात मुखी रुद्राक्ष के सात मनको को धारण करना चाहिए।
  • यदि इस दोष (Anant Kaal Sarp Dosh) के कारण स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता है तो श्राद्ध या नागपंचमी के दौरान रांगे (एक धातु) से बना सिक्का पानी में प्रवाहित करें।
  • नाग पंचमी के दिन कालसर्पदोष निवारक यंत्र घर में स्थापित करें और सरसों के तेल का दीपक लगा कर नियमित पूजन करें।
  • अगर साधारण उपाय के बाद भी समस्या हल नहीं हो रही तो काल सर्प दोष के लिए पूजा करवाए।

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