Original Panna Stone की पहचान कैसे करें

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दोस्तों जब हम पन्ना रत्न खरीदते है तो हम कई समस्याओ का सामना करते है। जैसे सबसे सस्ता पन्ना कितने में मिल जायेगा , हम जो पन्ना खरीद रहे है वह असली है या नहीं आदि। लेकिन टेक्नोलॉजी के इस युग में हम हर चीज की नकली कलाकृति देखते है। हम जो पन्ना खरीद रहे है क्या वह Original Panna Stone या फिर कांच का बना एक क्रिस्टल है। जब मैंने पन्ना पहना था तो मेरे मन में भी कई सवाल आये थे जैसे क्या यह असली है या मैं कई ठगी का शिकार तो नहीं हो गया इसी लिए मैंने पन्ने पर रिसर्च की और इसके बारे में कई जानकारी प्राप्त की।

Original Panna Stone की पहचान कैसे करें

Panna Stone कहाँ पाया जाता है

पन्ना रत्न ग्रेनाइट और पिग्मेटाइटे (granite and pegmatite) चट्टानों के में पाया जाता हैं इसके अलावा यह पन्ना रत्न घटक के रूप में दरारों और परतदार चट्टानों में ढेरो के रूप में जन्म लेता हैं।

emerald in granite and pegmatite

Panna Stone किस तत्व से प्राप्त होता हैं

Original Panna Stone बेरिल (beryl) जिसे हम बेरूज भी कहते हैं उसी तत्व से प्राप्त होता हैं। अठारवी सदी के अंत में ‘बेरूज’ नाम उस रत्न के लिए निश्चित कर दिया गया जिसे हम वैदूर्य नाम से जानते हैं। बेरूज पत्थर को जब खदान से निकला जाता हैं तो यह मूल रूप से रंगहीन होता हैं पर इसमें हरे और नीले रंग के शेड्स पाए जाते हैं। और कई बार इसमें कई प्रकार के रंग पाए जाते हैं। हरे रंग के हिस्से को इसी से निकाल कर पन्ना रत्न का नाम दिया गया हैं। Emerald Stone का एक अपना अलग ही रंग हैं जो मखमली और घास सा महसूस होता हैं।

Original Panna Stone beryl hindi

बेरूज के इसी पत्थर में से हरित नील मणि (aquamarine stone) भी प्राप्त होता हैं जो हल्का हरा और नीला रंग लिए होता हैं।

पन्ना रत्न हरे रंग का क्यों होता हैं(why emerald stone is green color)

पन्ना रत्न में हरे रंग होने का कारण उसमे उपस्थित क्रोमियम ऑक्साइड (chromium oxide) का होना हैं। एक ही तत्व की विभिन्न संयोग अवस्थाओं के कारण रंगो में इतनी भिन्नता हैं। यह भी एक प्रकार का आश्चर्य ही हैं। ऐसा माना जाता हैं की अगर कांच में भी क्रोमियम ऑक्साइड की उतनी ही मात्रा मिला दी जाय जितनी पन्ने में हैं तो कांच का रंग भी हरा हो जाता हैं। Original Panna Stone को जब गर्म किया जाता हैं तो इसका पानी तो उड़ जाता हैं पर इसके रंग पर कोई फर्क नहीं पड़ता। कह सकते हैं की इस पर गर्मी का कोई प्रभाव नहीं होता।

Original Panna Stone का Scientific Characteristics

पन्ने का क्रिस्टल ग्रेनाइट ,पिग्मेटाइटे और चूने पत्थर के साथ लगा मिलता हैं। यह शायद ही कभी शुद्ध रूप से मिलता हो। दोष रहित पन्ना रत्न का मिलना दुर्लभ माना जाता हैं। बिलकुल निर्दोष पन्ना और परिपूर्ण पन्ना रत्न का मूल्य हीरे से भी अधिक होता हैं। इसकी द्विवर्णिता (dichroism) काफी अच्छी होती हैं यानि एक और से हरा और दूसरी और से नीला दिखाई देता हैं जो प्रकाश के परावर्तन के कारण होता हैं। इसे गर्म करने पर यह कठिनता से पिघलता हैं। एसिड अम्ल का इस पर कोई प्रभाव नहीं होता हैं। Original Panna Stone का रंग प्राकृतिक और अप्राकृतिक दोनों प्रकाश में अपने रंग को बनाये रखता हैं।

पन्ना रत्न काफी भंगुर होता हैं यह आसानी से तड़क जाता हैं इसलिए पन्ने की अंगूठी बनवाते समय पन्ने के किनारे पतले नहीं रखना चाहिए नहीं तो यह तिड़क सकते हैं।

शास्त्रों के अनुसार Original Emerald Stone के गुण

प्राचीन शास्त्रों के अनुसार Original Panna Stone के सात गुणों को बताया गया हैं –

  1. हरे रंग का
  2. भारी(दड़कदार )
  3. स्नीग्ध
  4. लोचदार
  5. चारो और किरणों को बिखेरने वाला
  6. छुने में देदित्यमान
  7. सूर्य के समान स्वयं प्रकाश से प्रदीप्त

कह सकते है की श्रेष्ट पन्ना इसी प्रकार का होना चाहिए।

आयुर्वेद प्रकाश के अनुसार शुद्ध पन्ना जल की भांति स्वच्छ, पारदर्शी ,भारी ,आबदार ,लोचदार ,मृदुगात्र ,अव्यंग (जो टेड़ा-मेड़ा न हो )।

उत्तम पन्ना रत्न (premium panna stone) वह बताया गया है जो –

  1. शैवाल (घास )
  2. मोर और नीलकंठ की पॉख
  3. शादवल(एक प्रकार की घास )
  4. हरे रंग का कषाय
  5. कौए का पंख
  6. जुगनू
  7. शिरीष पुष्प की झाई के तुल्य आभा को निरंतर धारण किया हुआ रहे।

इनमे से जो भी सूर्य किरणों से संयुक्त किया जाने पर अपने आस पास की चारो और की वस्तुओ को हरा कर दे वह पन्ना उत्तम जाती का माना जाता है। अपने मखमली घास के रंग के कारण ही पन्ने का अधिक मान रहा है।

कांच के गिलास में पानी भरकर पन्ने को रखने पर उसमे से हरी किरणे निकलती दिखाई देंगी।
शुद्ध पन्ने को हाथ में लेने पर वह हल्का ,कोमल और आँखों को शीतलता प्रदान करता है।

अब सावधान होने की आवश्यकता है क्योंकि पन्ना रत्न में कई प्रकार की मिलावट बाजार में होने लगी है।

पन्ने में अक्सर दरारे होती है जो खाली आँख से ही दीख जाती है। इस कारण इनके दाम बहुत कम लगते है। लोग इस दोष को छिपाने के लिये ऐसे पन्ने पर तेल चुपड़ देते हैं। तेल और पन्ने का वर्तनांक एक होने से अब ये दरारे साधारण देखने से पकड़ मे नही आती | तेल यदि बिना रंग का हुआ तो उसमे पन्ने जैसा रंग भी मिला देते हैं। बस मामूली-सी गर्मी देने से यह तेल ऊपर आ जाता है। चतुर जौहरी को यह बात अवश्य ध्यान में रखनी चाहिये ।

कुछ पन्ना रत्न जिसे रत्न कहना बेकार है बाजार और ऑनलाइन मार्केट में खूब बिक रहे है। आइये इनपर कुछ नजर डालते है

Original Panna Stone की पहचान कैसे करें

कांच का बना कृत्रिम पन्ना रत्न (Glass Panna Stone)

१) कांच के बने पन्ने को छूकर देखा जाय तो वह गरम प्रतीत होगा। प्राकृतिक अथवा Original Panna Stone ना होने के कारण ताप का सुवाहक होता है और स्पर्श में ठंडा लगता है । कांच के पन्‍ने को आँख के सामने थोडी देर रखने पर गरमी प्रतीत होगी जबकि असली पन्ने को रखने से यह शीतलता देता है।

२) कांच का पन्‍ना हाथ मे रखने पर भारी प्रतीत होता है जबकि असली Panna Stone हलका, मुलायम और चित्ताकर्षक होता है।

(३) नकली पन्ने को लकड़ी पर रगडा जाये तो इस की चमक बढ जाती है।

(४) किसी पिन अथवा दियासलाई की तीली मे लगा कर पानी की एक बूँद रत्न की सतह पर धीरे से रखिये। रत्न बनावटी होगा तो बूँद उस पर फ़ैल जायेगी परन्तु असली रत्न की
सतह पर बूंद बनी रहेगी।

(५) नकली पन्ने (synthetic emerald stone) की सतह पर चमकीली धारियां होती है। जो आम तौर पर कांच में नजर आती है।

प्लास्टिक का पन्‍ना (Plastic Panna Stone)

  • प्लास्टिक से बने नकली पन्ने का आपेक्षिक गुरुत्व 1.58 से कम होता है । इसकी कठोरता भी कम होती है-इन दो विलक्षणताओं से इन्हे असली से अलग किया जा सकता है।
  • प्लास्टिक के बने synthetic emerald stone मे यदि बिजली से गरम की हुई सूई की नोक चुभा दी जाय तो उससे वह स्थान पिघलने लगेगा।
  • यह पिन अथवा कटर की सहायता से यह सरलता से कट जाता है।

स्फटिक का पन्ना (Quartz Emerald)

स्फटिक या quartz को कलर करके भी पन्ने की तरह बना दिय जाता है। Quartz Stone में दरारे होती है जिसे डाई तकनीक के द्वारा इसमें कलर भर दिया जाता है जिससे यह हरे रंग का हो जाता है। चूँकि quartz एक प्राकृतिक पत्थर है इसलिए इसे आसानी से पहचाना नहीं जा सकता पर इसका रंग कुछ समय बाद या किसी रासायनिक क्रिया की मदद से निकाला जा सकता है।

पन्ना रत्न में दोष (Defects in Emerald Stone)

निम्न लिखित दोष से युक्त पन्ना अच्छा नहीं माना जाता है –

  • लाल पिली (मिली हुई) आभा वाला
  • बालू के तुल्य कणदार अथवा कर्कश
  • रुखा (चमकहीन )
  • कालापन लिए हुआ
  • हाथ में लेने पर हल्का महसूस होना
  • चिपटा हुआ जिसके फलक भीतर के और सिकड़े हुए प्रतीत हो
  • उबड़ खाबड़ ,काला और चूर चुरा।

“रत्न प्रकाश” के लेखक के अनुसार ‘जिस पन्ने में लोच, निम्मस और जर्दी हो, जिसका रंग नीम की पत्ती के हरे रंग के समान हरा हो; वह उत्तम माना जाता है। नीम की पत्ती के हरे रंग में पीत आभा स्पष्ट भासती है, पन्‍ने में यही पीत आभा अपेक्षित है । ‘पंचतंत्र’ के एक प्रसिद्ध श्लोक में लिखा है कि कांच के समीप यदि सोना रख दिया जाये तो कांच की आभा पन्‍ने की आभा की तरह हो जाती है इस ‘मरकती’ चमक को ही मानो पंचतंत्रकार भी पन्‍ने के हृदयहारी रंग का ‘प्राण’ समझते है ।

परन्तु एक पाश्चात्य लेखक का कहना है कि पीली झांई वाले Emerald Stone का मूल्य कम होता है । श्रेष्ठ पन्ने Original Panna Stone तो गहरे हरे से लेकर घास के समान हरे रंग के होते है-जब इस हरे रंग में कांच की आभा मिल जाती है तो वही मखमली आभा श्रेष्ठ पन्‍ने की होती हैँ। वैसे तो पन्ने में पीले छींटे होना तो दोष ही माना ही गया है ।

original panna stone का colour कैसा होता है ?

असली पन्ना रत्न का रंग हल्के हरे से गहरे हरे कलर में होता है। यह कलर उस बेरिल के अनुसार होता है जिससे पन्ना रत्न प्राप्त किया गया है।

original panna stone price in india

असली पन्ने की कीमत उसकी क़्वालिटी के अनुसार निर्धारित होती है। जो उसकी पारदर्शिता और रंग के आधार पर होती है। original पन्ने कीमत लगभग 250 रूपये carat से शुरू होकर 5000 रुपये carat तक हो सकती है।

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