रुद्राक्ष माला क्यों धारण की जाती है : प्रकार, लाभ और धारण करने के नियम

Share With Your Friends

रुद्राक्ष माला धारण किये हुये व्यक्ति को देखकर शिव, विष्णु, देवी, गणेश, सूर्य तथा अन्य समस्त देवगण प्रसन्न होते हैं। रुद्राक्ष के मुख में ब्रह्मा का निवास माना गया है, मध्य भाग में रुद्र (शिव) का तथा पुच्छ भाग में विष्णु का निवास माना गया है। इस प्रकार रुद्राक्ष भोग और मोक्ष दोनों को देने वाला होता है।

रुद्राक्ष माला क्यों धारण की जाती है

रुद्राक्ष की माला चाहे छोटे दानों की हो या बड़े दानों की, किन्तु धारक को उनका लाभ समान रूप में मिलता है। जप सिद्धि में रुद्राक्ष माला का बड़ा महत्त्व होता है। इसके द्वारा किये गये प्रत्येक जप का अन्य मालाओं की तुलना में कई गुना अधिक फल प्राप्त होता है। जप सिद्धि का एक यह महत्त्वपूर्ण माध्यम है। इसके द्वारा अनेक कल्याणकारी और
‘फलदायक मन्त्र सिद्ध किये जा सकते हैं। मन्त्र सिद्व हो जाने पर वे अपनी शक्ति के अनुसार फल देते हैं। पंचदेव पूजन में इसके द्वारा जपानुष्ठान करने पर बहुत शीघ्र सफलता मिलती है। महामृत्युंजय जैसे मंत्र भी इसके द्वारा जाप करने से शीघ्र सिद्ध हो जाते हैं।

रुद्राक्ष माला क्यों पहनी जाती है

रुद्राक्ष माला आम तौर पर शिव भक्त धारण करते है। लेकिन आज के परिवेश में हर कोई इसे फैशन के तौर पर धारण करने लगा है। लेकिन रुद्राक्ष माला को कई साधु संत और योगाचार्य पहले से धारण करते आये है।यह वनवास आश्रम के समय वनवास धारण करने वाले के लिए एक आभूषण होता था जो उन्हें सन्यास की ओर ले जाने में मदद करता था। रुद्राक्ष माला को धारण करने का अलग अलग उद्देश्य होता है। साधक विभिन्न प्रयोजनों के लिए अलग अलग रुद्राक्ष की माला धारण करते हैं। जैसे गौरी शंकर रुद्राक्ष की माला ,महागुरु माला ,सिद्ध माला आदि।

महामंडलेश्वर और साधु बड़े आकर के रुद्राक्ष की माला धारण करते है जो नेपाली रुद्राक्ष की माला होती है। साधारण रूप से योग गुरु और साधक इंडोनेशिया रुद्राक्ष की माला धारण करते है जो पहनने में भी ठीक होती है और ऑफिस आदि जगह भी पहनी जा सकती है।

जब योग साधना या ध्यान किया जाता है तो रुद्राक्ष शरीर की ऊर्जा को ओज ऊर्जा में परिवर्तन करने में मदद करता है। इसके अलावा रुद्राक्ष शरीर के चक्र को संतुलित करता है। शिव जी की साधना करने वाले व्यक्ति भी इसे धारण करते है। यह व्यक्ति को सकारात्मकता प्रदान करता है।

रुद्राक्ष माला के फायदे

रुद्राक्ष माला न केवल एक सुंदर आभूषण है, बल्कि धारणकर्ता के लिए इसके कई फायदे भी हैं। रुद्राक्ष माला पहनने के कुछ लाभ इस प्रकार हैं:

आध्यात्मिक और भावनात्मक लाभ:

माना जाता है कि रुद्राक्ष की माला आध्यात्मिक और भावनात्मक लाभ देती है। जब साधना करते है तो यह मन को शांत करने, तनाव कम करने और ध्यान और प्रार्थना के दौरान ध्यान केंद्रित करने में मदद करती हैं। यह नकारात्मक भावनाओं को दूर करने और सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने में भी मदद करती है।

भौतिक लाभ:

माना जाता है कि रुद्राक्ष की माला से शारीरिक लाभ भी होते हैं। यह रक्तचाप को नियंत्रित करने, पाचन में सुधार और रोग प्रतिरोधन क्षमता को बेहतर करते हैं। हृदय रोग से जुड़े व्यक्ति भी रुद्राक्ष माला को धारण करते है।

चक्र संतुलन:

रुद्राक्ष की माला विभिन्न चक्रों को संतुलित करने में मदद करती है, जो शरीर के ऊर्जा केंद्र हैं। यह ऊर्जा प्रवाह को मूलाधार से आज्ञा चक्र की और बढ़ाती है।

नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा:

माना जाता है कि रुद्राक्ष की माला नकारात्मक ऊर्जा, बुरी नजर और मानसिक हमलों से बचाती है। रुद्राक्ष को विद्युत चुम्बकीय विकिरणों और अन्य पर्यावरणीय तनावों के खिलाफ ढाल प्रदान करने के लिए भी कहा जाता है।

सांस्कृतिक और पारंपरिक महत्व:

रुद्राक्ष माला का हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और पारंपरिक महत्व है। ऐसा माना जाता है कि यह भगवान शिव के आंसू हैं और इसे धारण करना शुभ माना जाता है।

रुद्राक्ष माला कितने प्रकार की होती है

एक मुखी रुद्राक्ष माला:

यह एक मुखी रुद्राक्ष से बनी होती है और ऐसा माना जाता है कि यह आध्यात्मिकता और ज्ञान लाती है। इसे सभी रुद्राक्ष मालाओं में सबसे शक्तिशाली कहा जाता है।लेकिन वर्तमान समय में एक मुखी रुद्राक्ष मिलना दुर्लभ है। ऐसे में माला का निर्माण भी मुश्किल है लेकिन एक मुखी रुद्राक्ष के एक दाने के साथ विभिन्न रुद्राक्ष जोड़ कर माला बनाई जाती है।

पंच मुखी रुद्राक्ष माला:

यह माला पांच मुखी रुद्राक्ष से बनी होती है। पांच मुखी रुद्राक्ष माला सबसे अधिक बिकने वाली रुद्राक्ष माला होती है। यह सस्ती होती है। इसमें इंडोनेशिया रुद्राक्ष ,भारतीय रुद्राक्ष और नेपाल के रुद्राक्ष का प्रयोग किया जाता है।

गौरी शंकर रुद्राक्ष माला:

गौरी शंकर रुद्राक्ष माला १०८ दानो में और ५४ दानो में आती है। इसमें नेपाली रुद्राक्ष की कंठी माला भी आती है। माना जाता है कि यह रिश्तों में सद्भाव और एकता लाती है। गौरी शंकर रुद्राक्ष की तरह इसकी माला को भी विवाहिक जीवन को बेहतर बनाने और परिवार की खुशहाली के लिए धारण किया जाता है।

कंठी माला :

कंठी माला का आकर छोटा होता है यानि यह ५४ दानो में आती है । यह केवल गले तक ही झूलती है। यानि कंठ पर धारण की जाती है। यह माला बनाने में नेपाली रुद्राक्ष को प्रयोग में लाया जाता है। पांच मुखी और गौरी शंकर रुद्राक्ष की कंठी माला ज्यादा प्रचलित है।

रुद्राक्ष पथरी माला :

पथरी माला गोल चिकने रुद्राक्ष से बनाई जाती है जो अच्छी गुणवत्ता के नेपाल या इंडोनेशिया के रुद्राक्ष हो सकते है। इस रुद्राक्ष की लाइफ अच्छी होती है।

महागुरु माला :

महागुरु रुद्राक्ष माला १ से १४ मुखी रुद्राक्ष से बनी होती है। इसमें गौरी शंकर, त्रिजुटी या गणेश रुद्राक्ष को भी शामिल कर लिया जाता है। यह माला महामंडलेश्वर और योगाचार्य जैसे व्यक्ति धारण करते है। यह महंगी होती है। इसमें नेपाली और इंडोनेशिया रुद्राक्ष की महागुरु माला भी आती है।

सिद्ध माला :

सिद्ध माला कई अलग-अलग प्रकार के रुद्राक्ष की माला से बनी होती है और माना जाता है कि यह सफलता, धन और समृद्धि लाती है। सिद्ध माला को इंद्रा माला भी कहा जाता है। इसमें १ से २१ मुखी तक के रुद्राक्ष होते है। इस माला को महामंडलेश्वर और सिद्ध साधु ही धारण करते है।

माला में रुद्राक्ष की संख्या

जप कार्यो में 108+1 रुद्राक्ष की माल पूर्ण मानी गयी है। 54+1 दानो की आधी तथा 27+1 दानो की रुद्राक्ष माला को सुमरनी कहा जाता है। जप फल की दृष्टि से सभी सामान है ,क्योंकि सुमरनी चार बार पूरी करने पर एक माला और 54 दानो वाली माला दो बार जप लेने पर एक माला पूर्ण होती है।माला में +1 सुमेरु होता है जो हर जप माला में होना आवश्यक है।माला में 108 मोती क्यों होते हैं और सुमेरु क्या है इस रहस्य के बारे में आप पूरी जानकारी पढ़ सकते है।

कितने रुद्राक्ष की माला धारण करना चाहिए

  • 32 रुद्राक्ष की माला धन संपन्न बनती है।
  • 100 दानो की माला मोक्षदाता मानी गयी है।
  • 108 दानो की माला समस्त कार्यो में सिद्धि देने वाली होती है।
  • 140 रुद्राक्ष की माला बल और आरोग्यता प्रदान करती है

रुद्राक्ष माला की पहचान

रुद्राक्ष माला की पहचान करने में रुद्राक्ष दानो की विशेषताओं को देखना और रुद्राक्ष की संख्या को गिनना शामिल है। रुद्राक्ष माला की पहचान करने के लिए आप यहां बताई गई बातों का पालन कर सकते हैं:

5 मुखी और 6 मुखी गोल व अंडाकार इंडोनेशियन रुद्राक्ष
10mm size के 5 मुखी और 6 मुखी गोल व अंडाकार इंडोनेशियन रुद्राक्ष

रुद्राक्ष को देखें:

रुद्राक्ष दानो की सावधानीपूर्वक जांच करें और जांचें कि क्या उनके बीच में एक प्राकृतिक छेद है। रुद्राक्ष की माला भूरे रंग की होती है और मनके के ऊपर से नीचे तक खड़ी रेखाएँ होती हैं।

रुद्राक्ष दानो की संख्या गिनें:

रुद्राक्ष की माला में आमतौर पर 108 मनके होते हैं। हालाँकि, कुछ मालाओं में 27 या 54 मनके हो सकते हैं, जिनका उपयोग छोटे ध्यान अभ्यासों के लिए किया जाता है।लेकिन अगर आप जप के लिए रुद्राक्ष की माला खरीद रहे है तो रुद्राक्ष की माला में एक सुमेरु भी होना चाहिए यानि माला में कुल रुद्राक्ष 108+1, 27+1, 54+1 होना चाहिए।

मनकों के आकार की जाँच करें:

रुद्राक्ष की माला विभिन्न आकारों में आती है, जिनका व्यास 5 मिमी से 40 मिमी तक होता है। रुद्राक्ष का आकार इसकी दुर्लभता और मूल्य निर्धारित करता है।

रुद्राक्ष के आकार की जाँच करें:

रुद्राक्ष की माला में दानो का आकार गोल या अंडाकार होता है, जिसका आधार थोड़ा चपटा होता है।

प्रमाणीकरण की तलाश करें:

एक अच्छी रुद्राक्ष माला प्रमाणीकरण के साथ आती हैं। माला असली है यह सुनिश्चित करने के लिए प्रमाणीकरण चिह्न या मुहर देखें।

आप हमारी पोस्ट नकली रुद्राक्ष कैसा दीखता है और इसे कैसे पहचाने पर विभिन्न प्रकार के रुद्राक्ष जो क्ले के द्वारा बना दिए जाते है और असली कह कर बेच दिए जाते है जरूर देखिएगा।

रुद्राक्ष माला कैसे धारण करे

सोमवार के दिन प्रात:काल नित्य कर्म आदि से निर्वत्त होकर किसी शिव मन्दिर या अपने पूजा गृह में बैठकर सर्वप्रथम कच्चे-दूध और गंगाजल से माला धोकर इसे साफ वस्त्र से पोंछ लें। इसके पश्चात्‌ धूप, दीप आदि से इसकी पूजा करके इसके दानों में सुमेरू पर चन्दन लगायें, तब पंचाक्षर मंत्र “ॐ नमः शिवाय” की पाँच माला जाप करके इसे
घारण करें।

रुद्राक्ष माला पहनने के नियम

माना जाता है कि रुद्राक्ष माला पहनने से कई आध्यात्मिक और स्वास्थ्य लाभ होते हैं। हालाँकि, कुछ नियम और दिशा-निर्देश हैं जिनका माला से अधिकतम लाभ प्राप्त करने के लिए पालन करने की आवश्यकता है। रुद्राक्ष माला धारण करने के कुछ नियम इस प्रकार हैं:

सही आकार चुनें :

रुद्राक्ष के मनके का आकार इसकी दुर्लभता और मूल्य निर्धारित करता है। ऐसा आकार चुनें जो आपके शरीर के प्रकार और माला पहनने के उद्देश्य के अनुकूल हो। बड़े रुद्राक्ष की माला पहनने में भारी और अधिक बोझिल साबित हो सकती है, जबकि छोटे रुद्राक्ष की माला आपको वांछित प्रभाव प्रदान नहीं कर सकती है। इसकिये ८म्म से १०० मम तक की रुद्राक्ष माला धारण करना चाहिए। यह बाजार में आसानी से मिल जाती है और कीमत भी कम होती हैं।

दाहिने हाथ में पहनें :

रुद्राक्ष की माला को दाहिने हाथ में धारण करना चाहिए, क्योंकि यह इस तरफ अधिक प्रभावी मानी जाती है। इसे व्यक्तिगत पसंद के अनुसार कलाई पर या गले में पहना जाना चाहिए।

इसे साफ रखें:

रुद्राक्ष माला को साफ और गंदगी और पसीने से मुक्त रखना चाहिए। इसे गुनगुने पानी और हल्के साबुन से धोया जा सकता है और छाया में सुखाया जा सकता है। इसे सीधी धूप या कठोर रसायनों के संपर्क में नहीं आना चाहिए।माला की कंडीशनिंग हर 6 महीने में करना चाहिए।

अशुद्ध पदार्थों को छूने से बचें:

रुद्राक्ष माला धारण करने वाले को शराब, मांस या तंबाकू जैसे अशुद्ध पदार्थों को नहीं छूना चाहिए। तथा अपने आप को अशुद्ध विचारों और भावनाओं से भी दूर रखना चाहिए।

इसे एक साफ जगह पर रखें:

रुद्राक्ष माला को एक साफ और पवित्र जगह में रखा जाना चाहिए। इसे एक सूती कपड़े की थैली बना कर उसमे रखना चाहिए या लकड़ी के ज्वेलरी बॉक्स होते है उसमे रखना चाहिए । इसे प्लास्टिक की थैली या किसी अन्य सिंथेटिक सामग्री में संग्रहित नहीं किया जाना चाहिए।

मंत्र जाप:

रुद्राक्ष माला को धारण करते समय इसकी प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए मंत्रों या प्रार्थनाओं का जाप करना चाहिए। सबसे आम मंत्र “ॐ नमः शिवाय” है, जिसे रुद्राक्ष के लिए सबसे शक्तिशाली मंत्र माना जाता है।

असली रुद्राक्ष की माला कहां मिलेगी

ऐसे कई स्थान हैं जहां से आप असली रुद्राक्ष की माला पा सकते हैं। यहाँ इसके बारे में कुछ जानकारी प्रदान की जा रही है –

प्रमाणित रुद्राक्ष विक्रेता:

आप ऐसे दुकादारों की तलाश करें जो असली रुद्राक्ष की माला बेचने के लिए प्रमाणित हों। कई ऑनलाइन और ऑफलाइन रुद्राक्ष विक्रेता हैं जो सर्टिफिकेट के साथ प्रामाणिक रुद्राक्ष प्रदान करते हैं।

आध्यात्मिक और धार्मिक स्टोर:

कई आध्यात्मिक और धार्मिक स्टोर रुद्राक्ष की माला बेचते हैं। माला खरीदने से पहले रुद्राक्ष मोतियों की गुणवत्ता और प्रामाणिकता की जांच अवश्य कर लें जो रिव्यु के माध्यम से जान सकते है।

ऑनलाइन मार्केटप्लेस:

Amazon,Flipkart, eBay और Etsy जैसे कई ऑनलाइन मार्केटप्लेस हैं जो रुद्राक्ष की माला बेचते हैं। हालांकि ऑनलाइन खरीदने के दौरान आपको रिव्यु और रेटिंग के साथ साथ विश्वसनीय सेलर को भी ध्यान रखना होगा। इसके साथ ही आपको Return और Replace के बारे में भी जान लेना चाहिए।

ईशा रुद्राक्ष माला:

आप ईशा फाउंडेशन से भी रुद्राक्ष माला खरीद सकते है। ईशा शॉप (Isha Life) की वेबसाइट पर आपको 5mm से 8mm तक की रुद्राक्ष माला मिल जाएगी। इसमें 8mm की रुद्राक्ष माला अधिक प्रचलित है।यह सभी पंचमुखी रुद्राक्ष माला है।

सरकार द्वारा संचालित स्टोर:

भारत में सरकार द्वारा संचालित स्टोर से भी पा सकते हैं जो प्रामाणिक रुद्राक्ष की माला बेचते हैं। ये स्टोर आमतौर पर मंदिरों और धार्मिक स्थलों के पास स्थित होते हैं।

स्थानीय पूजन सामग्री की दुकान :

आप आपने शहर में भी पूजन सामग्री की दूकान से भी रुद्राक्ष की माला खरीद सकते है । खरीदने से पहले यह जानना जरूरी है की रुद्राक्ष के दाने असली हो तथा रुद्राक्ष की संख्या १०९ हो अगर १०८ दानो वाली खरीद रहे हो।

रुद्राक्ष की माला के बारे में आपको यह जानकारी पसंद आई हो तो इसे जरूर शेयर कीजिये। आप हमें फेसबुक और इंस्टाग्राम पर भी Contact कर सकते हैं।


Share With Your Friends

About Antriksh

Namaste, My Name is Antriksh.