मूलांक 7

मूलांक 7 का स्वामी ग्रह केतु है और इसका मूल भाव अंतर्दृष्टि है।

मुख्य तथ्य

ग्रहकेतु
मूल भावअंतर्दृष्टि
रंगसमुद्री हरा
उपयुक्त क्षेत्रअध्यात्म, विश्लेषण, चिकित्सा

स्वभाव व व्यक्तित्व

मूलांक 7 वाले जातकों पर केतु का प्रभाव रहता है, इसलिए अंतर्दृष्टि इनके व्यक्तित्व का केंद्र होता है। ये तब सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हैं जब कार्य में स्वतंत्रता और स्पष्ट उद्देश्य दोनों हों।

मूलांक कैसे निकालें

जन्म तिथि के अंकों को जोड़ते जाएँ जब तक एक अंक न बचे। उदाहरण: 18 तारीख — 1 + 8 = 9। भाग्यांक के लिए पूरी जन्म तिथि (दिन + माह + वर्ष) के सभी अंक जोड़े जाते हैं।

शुभ और अशुभ अंक

मूलांक 7 के लिए केतु के मित्र ग्रहों से जुड़े अंक शुभ माने जाते हैं। महत्वपूर्ण कार्यों के लिए ऐसी तिथियाँ चुनना परंपरागत रूप से सुझाया जाता है जिनका योग आपके मूलांक या उसके मित्र अंक के बराबर हो।

अंकस्वामी ग्रहसंबंध
मूलांक 1 सूर्यतटस्थ — स्पष्ट भूमिका और अपेक्षा तय होने पर अच्छा।
मूलांक 2 चंद्रचुनौतीपूर्ण — धैर्य और स्पष्ट संवाद आवश्यक।
मूलांक 3 गुरुअनुकूल — समान प्रवृत्ति और सहज सहयोग।
मूलांक 4 राहुतटस्थ — स्पष्ट भूमिका और अपेक्षा तय होने पर अच्छा।
मूलांक 5 बुधतटस्थ — स्पष्ट भूमिका और अपेक्षा तय होने पर अच्छा।
मूलांक 6 शुक्रचुनौतीपूर्ण — धैर्य और स्पष्ट संवाद आवश्यक।
मूलांक 7 केतुअनुकूल — समान प्रवृत्ति और सहज सहयोग।
मूलांक 8 शनितटस्थ — स्पष्ट भूमिका और अपेक्षा तय होने पर अच्छा।
मूलांक 9 मंगलअनुकूल — समान प्रवृत्ति और सहज सहयोग।

शुभ तिथियाँ और दिन

मूलांक 7 वालों के लिए महीने की वे तिथियाँ अनुकूल मानी जाती हैं जिनका योग 7 या इसके मित्र अंक बनता है — अर्थात् 7, 16, 25 तारीख़। हस्ताक्षर, नई शुरुआत और महत्वपूर्ण बातचीत के लिए इन तिथियों को चुनना परंपरागत सुझाव है।

सावधानी

अंक ज्योतिष जन्म कुंडली का विकल्प नहीं है। यह एक सहायक पद्धति है और इसके निष्कर्ष कुंडली के फल से टकरा सकते हैं। कोई बड़ा निर्णय केवल मूलांक के आधार पर न लें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मूलांक 7 का स्वामी ग्रह कौन है?

मूलांक 7 का स्वामी ग्रह केतु है और शुभ रंग समुद्री हरा है।

मूलांक 7 वालों के लिए कौन-सा क्षेत्र उपयुक्त है?

अध्यात्म, विश्लेषण, चिकित्सा जैसे क्षेत्र मूलांक 7 वालों के लिए अनुकूल माने जाते हैं।

मूलांक और भाग्यांक में अंतर क्या है?

मूलांक केवल जन्म तिथि के दिन से बनता है, जबकि भाग्यांक पूरी जन्म तिथि (दिन, माह, वर्ष) के अंकों के योग से।