बुध ग्रह
बुध (बुध) बुद्धि, वाणी, व्यापार, शिक्षा का कारक है। इसका वार बुधवार और रत्न पन्ना है।
मुख्य तथ्य
| संस्कृत नाम | बुध |
|---|---|
| कारक | बुद्धि, वाणी, व्यापार, शिक्षा |
| रत्न | पन्ना |
| धारण का दिन | बुधवार |
| मंत्र | ॐ बुधाय नमः |
| स्वराशि | मिथुन, कन्या |
| उच्च राशि | कन्या |
| नीच राशि | मीन |
| मित्र ग्रह | सूर्य, शुक्र |
| शत्रु ग्रह | चंद्र |
| विंशोत्तरी दशा | 17 वर्ष |
बुध की दशा
विंशोत्तरी पद्धति में बुध की महादशा 17 वर्ष की होती है। इस अवधि में बुद्धि, वाणी, व्यापार, शिक्षा से जुड़े विषय जीवन के केंद्र में आ जाते हैं। दशा का फल इस बात पर निर्भर करता है कि बुध कुंडली में किस भाव में और किस राशि में बैठा है — उच्च राशि कन्या में होने पर अनुकूल और नीच राशि मीन में होने पर संघर्षपूर्ण।
मज़बूत बुध के लक्षण
कुंडली में बुध बलवान हो तो बुद्धि, वाणी, व्यापार, शिक्षा से जुड़े क्षेत्रों में सहजता रहती है, आत्मविश्वास बना रहता है और इन विषयों के निर्णय समय पर लिए जाते हैं।
कमज़ोर बुध के लक्षण
बुध कमज़ोर या पीड़ित होने पर बुद्धि, वाणी, व्यापार, शिक्षा से जुड़े मामलों में बार-बार विलंब, भ्रम या असंतोष दिखता है। यह पूर्ण निर्णय नहीं है — भाव-स्थिति और दशा देखना आवश्यक है।
सुझाए गए उपाय
- बुधवार को ॐ बुधाय नमः का 108 बार जाप।
- बुधवार को संबंधित वस्तु का दान।
- पन्ना धारण करने से पहले योग्य ज्योतिषी से कुंडली दिखाएँ।
- किसी ज़रूरतमंद को भोजन कराना सभी ग्रहों के लिए सामान्य और सुरक्षित उपाय है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
बुध ग्रह किसका कारक है?
बुध बुद्धि, वाणी, व्यापार, शिक्षा का कारक माना जाता है।
बुध का रत्न और वार कौन-सा है?
बुध का रत्न पन्ना और वार बुधवार है। रत्न धारण से पहले परामर्श आवश्यक है।
बुध का मंत्र क्या है?
ॐ बुधाय नमः — इसका जाप बुधवार को करना विशेष फलदायी माना जाता है।