मंगल ग्रह
मंगल (मंगल) साहस, भाई-बहन, भूमि, शल्य का कारक है। इसका वार मंगलवार और रत्न मूंगा है।
मुख्य तथ्य
| संस्कृत नाम | मंगल |
|---|---|
| कारक | साहस, भाई-बहन, भूमि, शल्य |
| रत्न | मूंगा |
| धारण का दिन | मंगलवार |
| मंत्र | ॐ मंगलाय नमः |
| स्वराशि | मेष, वृश्चिक |
| उच्च राशि | मकर |
| नीच राशि | कर्क |
| मित्र ग्रह | सूर्य, चंद्र, गुरु |
| शत्रु ग्रह | बुध |
| विंशोत्तरी दशा | 7 वर्ष |
मंगल की दशा
विंशोत्तरी पद्धति में मंगल की महादशा 7 वर्ष की होती है। इस अवधि में साहस, भाई-बहन, भूमि, शल्य से जुड़े विषय जीवन के केंद्र में आ जाते हैं। दशा का फल इस बात पर निर्भर करता है कि मंगल कुंडली में किस भाव में और किस राशि में बैठा है — उच्च राशि मकर में होने पर अनुकूल और नीच राशि कर्क में होने पर संघर्षपूर्ण।
मज़बूत मंगल के लक्षण
कुंडली में मंगल बलवान हो तो साहस, भाई-बहन, भूमि, शल्य से जुड़े क्षेत्रों में सहजता रहती है, आत्मविश्वास बना रहता है और इन विषयों के निर्णय समय पर लिए जाते हैं।
कमज़ोर मंगल के लक्षण
मंगल कमज़ोर या पीड़ित होने पर साहस, भाई-बहन, भूमि, शल्य से जुड़े मामलों में बार-बार विलंब, भ्रम या असंतोष दिखता है। यह पूर्ण निर्णय नहीं है — भाव-स्थिति और दशा देखना आवश्यक है।
सुझाए गए उपाय
- मंगलवार को ॐ मंगलाय नमः का 108 बार जाप।
- मंगलवार को संबंधित वस्तु का दान।
- मूंगा धारण करने से पहले योग्य ज्योतिषी से कुंडली दिखाएँ।
- किसी ज़रूरतमंद को भोजन कराना सभी ग्रहों के लिए सामान्य और सुरक्षित उपाय है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मंगल ग्रह किसका कारक है?
मंगल साहस, भाई-बहन, भूमि, शल्य का कारक माना जाता है।
मंगल का रत्न और वार कौन-सा है?
मंगल का रत्न मूंगा और वार मंगलवार है। रत्न धारण से पहले परामर्श आवश्यक है।
मंगल का मंत्र क्या है?
ॐ मंगलाय नमः — इसका जाप मंगलवार को करना विशेष फलदायी माना जाता है।