धनु राशि (Sagittarius)
धनु राशि चक्र की 9वीं राशि है। तिथि अवधि 22 नवंबर – 21 दिसंबर, तत्व अग्नि, स्वामी ग्रह गुरु।
मुख्य तथ्य
| तिथि अवधि | 22 नवंबर – 21 दिसंबर |
|---|---|
| चिह्न | धनुर्धर |
| तत्व | अग्नि |
| स्वभाव | द्विस्वभाव |
| स्वामी ग्रह | गुरु |
| शुभ रंग | पीला |
| शुभ दिन | गुरुवार |
| शुभ अंक | 3, 9 |
| रत्न | पुखराज |
| शरीर का अंग | कूल्हे व जांघ |
स्वभाव व व्यक्तित्व
- आशावादी
- दार्शनिक
- साहसी
- मुँहफट
- अति-वादा करने वाले
धनु राशि के जातक स्वभाव से आशावादी और दार्शनिक होते हैं। गुरु का प्रभाव इन्हें साहसी बनाता है, वहीं दबाव में मुँहफट और अति-वादा करने वाले होने की प्रवृत्ति भी दिखती है। अग्नि तत्व इनके निर्णय लेने के ढंग को तय करता है और द्विस्वभाव स्वभाव बताता है कि ये परिवर्तन को कैसे अपनाते हैं।
सर्वाधिक अनुकूल राशियाँ
कम अनुकूल राशियाँ
नक्षत्र
सुझाए गए उपाय
गुरु को बल देने के लिए गुरुवार का दिन विशेष माना जाता है। इस दिन पीला रंग की वस्तु का दान, स्वामी ग्रह के मंत्र का जाप और सात्विक आहार परंपरागत उपाय हैं। पुखराज धारण करने से पहले योग्य ज्योतिषी से कुंडली दिखाएँ।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
धनु राशि की तिथि अवधि क्या है?
धनु राशि की सूर्य-आधारित तिथि अवधि 22 नवंबर – 21 दिसंबर है। वैदिक ज्योतिष में राशि जन्म के समय चंद्रमा की स्थिति से तय होती है, इसलिए आपकी चंद्र राशि भिन्न हो सकती है।
धनु राशि के लिए सबसे अनुकूल राशि कौन है?
धनु राशि के लिए मेष, सिंह, तुला सर्वाधिक अनुकूल मानी जाती हैं। तत्वों की मित्रता और राशि-चक्र में दूरी इसका मुख्य आधार है।
धनु राशि का स्वामी ग्रह और रत्न कौन है?
धनु राशि का स्वामी ग्रह गुरु है और इसका रत्न पुखराज है। शुभ रंग पीला और शुभ दिन गुरुवार है।
धनु राशि के जातकों की सबसे बड़ी कमज़ोरी क्या है?
दबाव की स्थिति में धनु राशि के जातक मुँहफट और अति-वादा करने वाले हो सकते हैं। इसे पहचान लेना ही इसका सबसे अच्छा समाधान है।