कन्या राशि (Virgo)

कन्या राशि चक्र की 6वीं राशि है। तिथि अवधि 23 अगस्त – 22 सितंबर, तत्व पृथ्वी, स्वामी ग्रह बुध।

मुख्य तथ्य

तिथि अवधि23 अगस्त – 22 सितंबर
चिह्नकन्या
तत्वपृथ्वी
स्वभावद्विस्वभाव
स्वामी ग्रहबुध
शुभ रंगहरा
शुभ दिनबुधवार
शुभ अंक5, 6
रत्नपन्ना
शरीर का अंगपाचन तंत्र

स्वभाव व व्यक्तित्व

कन्या राशि के जातक स्वभाव से विश्लेषक और परिश्रमी होते हैं। बुध का प्रभाव इन्हें व्यवहारिक बनाता है, वहीं दबाव में आलोचनात्मक और चिंतित रहने वाले होने की प्रवृत्ति भी दिखती है। पृथ्वी तत्व इनके निर्णय लेने के ढंग को तय करता है और द्विस्वभाव स्वभाव बताता है कि ये परिवर्तन को कैसे अपनाते हैं।

सर्वाधिक अनुकूल राशियाँ

कम अनुकूल राशियाँ

नक्षत्र

सुझाए गए उपाय

बुध को बल देने के लिए बुधवार का दिन विशेष माना जाता है। इस दिन हरा रंग की वस्तु का दान, स्वामी ग्रह के मंत्र का जाप और सात्विक आहार परंपरागत उपाय हैं। पन्ना धारण करने से पहले योग्य ज्योतिषी से कुंडली दिखाएँ।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कन्या राशि की तिथि अवधि क्या है?

कन्या राशि की सूर्य-आधारित तिथि अवधि 23 अगस्त – 22 सितंबर है। वैदिक ज्योतिष में राशि जन्म के समय चंद्रमा की स्थिति से तय होती है, इसलिए आपकी चंद्र राशि भिन्न हो सकती है।

कन्या राशि के लिए सबसे अनुकूल राशि कौन है?

कन्या राशि के लिए वृषभ, कर्क, वृश्चिक सर्वाधिक अनुकूल मानी जाती हैं। तत्वों की मित्रता और राशि-चक्र में दूरी इसका मुख्य आधार है।

कन्या राशि का स्वामी ग्रह और रत्न कौन है?

कन्या राशि का स्वामी ग्रह बुध है और इसका रत्न पन्ना है। शुभ रंग हरा और शुभ दिन बुधवार है।

कन्या राशि के जातकों की सबसे बड़ी कमज़ोरी क्या है?

दबाव की स्थिति में कन्या राशि के जातक आलोचनात्मक और चिंतित रहने वाले हो सकते हैं। इसे पहचान लेना ही इसका सबसे अच्छा समाधान है।