मिथुन राशि (Gemini)

मिथुन राशि चक्र की 3वीं राशि है। तिथि अवधि 21 मई – 20 जून, तत्व वायु, स्वामी ग्रह बुध।

मुख्य तथ्य

तिथि अवधि21 मई – 20 जून
चिह्नयुगल
तत्ववायु
स्वभावद्विस्वभाव
स्वामी ग्रहबुध
शुभ रंगहरा
शुभ दिनबुधवार
शुभ अंक3, 5
रत्नपन्ना
शरीर का अंगकंधे व फेफड़े

स्वभाव व व्यक्तित्व

मिथुन राशि के जातक स्वभाव से चतुर और अनुकूलनशील होते हैं। बुध का प्रभाव इन्हें जिज्ञासु बनाता है, वहीं दबाव में चंचल और अनिर्णायक होने की प्रवृत्ति भी दिखती है। वायु तत्व इनके निर्णय लेने के ढंग को तय करता है और द्विस्वभाव स्वभाव बताता है कि ये परिवर्तन को कैसे अपनाते हैं।

सर्वाधिक अनुकूल राशियाँ

कम अनुकूल राशियाँ

नक्षत्र

सुझाए गए उपाय

बुध को बल देने के लिए बुधवार का दिन विशेष माना जाता है। इस दिन हरा रंग की वस्तु का दान, स्वामी ग्रह के मंत्र का जाप और सात्विक आहार परंपरागत उपाय हैं। पन्ना धारण करने से पहले योग्य ज्योतिषी से कुंडली दिखाएँ।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मिथुन राशि की तिथि अवधि क्या है?

मिथुन राशि की सूर्य-आधारित तिथि अवधि 21 मई – 20 जून है। वैदिक ज्योतिष में राशि जन्म के समय चंद्रमा की स्थिति से तय होती है, इसलिए आपकी चंद्र राशि भिन्न हो सकती है।

मिथुन राशि के लिए सबसे अनुकूल राशि कौन है?

मिथुन राशि के लिए मेष, सिंह, तुला सर्वाधिक अनुकूल मानी जाती हैं। तत्वों की मित्रता और राशि-चक्र में दूरी इसका मुख्य आधार है।

मिथुन राशि का स्वामी ग्रह और रत्न कौन है?

मिथुन राशि का स्वामी ग्रह बुध है और इसका रत्न पन्ना है। शुभ रंग हरा और शुभ दिन बुधवार है।

मिथुन राशि के जातकों की सबसे बड़ी कमज़ोरी क्या है?

दबाव की स्थिति में मिथुन राशि के जातक चंचल और अनिर्णायक हो सकते हैं। इसे पहचान लेना ही इसका सबसे अच्छा समाधान है।