तुला राशि (Libra)
तुला राशि चक्र की 7वीं राशि है। तिथि अवधि 23 सितंबर – 22 अक्टूबर, तत्व वायु, स्वामी ग्रह शुक्र।
मुख्य तथ्य
| तिथि अवधि | 23 सितंबर – 22 अक्टूबर |
|---|---|
| चिह्न | तराजू |
| तत्व | वायु |
| स्वभाव | चर |
| स्वामी ग्रह | शुक्र |
| शुभ रंग | हल्का नीला |
| शुभ दिन | शुक्रवार |
| शुभ अंक | 6, 8 |
| रत्न | हीरा |
| शरीर का अंग | गुर्दे व कमर |
स्वभाव व व्यक्तित्व
- कूटनीतिक
- आकर्षक
- न्यायप्रिय
- अनिर्णायक
- टकराव से बचने वाले
तुला राशि के जातक स्वभाव से कूटनीतिक और आकर्षक होते हैं। शुक्र का प्रभाव इन्हें न्यायप्रिय बनाता है, वहीं दबाव में अनिर्णायक और टकराव से बचने वाले होने की प्रवृत्ति भी दिखती है। वायु तत्व इनके निर्णय लेने के ढंग को तय करता है और चर स्वभाव बताता है कि ये परिवर्तन को कैसे अपनाते हैं।
सर्वाधिक अनुकूल राशियाँ
कम अनुकूल राशियाँ
नक्षत्र
सुझाए गए उपाय
शुक्र को बल देने के लिए शुक्रवार का दिन विशेष माना जाता है। इस दिन हल्का नीला रंग की वस्तु का दान, स्वामी ग्रह के मंत्र का जाप और सात्विक आहार परंपरागत उपाय हैं। हीरा धारण करने से पहले योग्य ज्योतिषी से कुंडली दिखाएँ।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
तुला राशि की तिथि अवधि क्या है?
तुला राशि की सूर्य-आधारित तिथि अवधि 23 सितंबर – 22 अक्टूबर है। वैदिक ज्योतिष में राशि जन्म के समय चंद्रमा की स्थिति से तय होती है, इसलिए आपकी चंद्र राशि भिन्न हो सकती है।
तुला राशि के लिए सबसे अनुकूल राशि कौन है?
तुला राशि के लिए मिथुन, सिंह, धनु सर्वाधिक अनुकूल मानी जाती हैं। तत्वों की मित्रता और राशि-चक्र में दूरी इसका मुख्य आधार है।
तुला राशि का स्वामी ग्रह और रत्न कौन है?
तुला राशि का स्वामी ग्रह शुक्र है और इसका रत्न हीरा है। शुभ रंग हल्का नीला और शुभ दिन शुक्रवार है।
तुला राशि के जातकों की सबसे बड़ी कमज़ोरी क्या है?
दबाव की स्थिति में तुला राशि के जातक अनिर्णायक और टकराव से बचने वाले हो सकते हैं। इसे पहचान लेना ही इसका सबसे अच्छा समाधान है।