वृश्चिक राशि (Scorpio)
वृश्चिक राशि चक्र की 8वीं राशि है। तिथि अवधि 23 अक्टूबर – 21 नवंबर, तत्व जल, स्वामी ग्रह मंगल।
मुख्य तथ्य
| तिथि अवधि | 23 अक्टूबर – 21 नवंबर |
|---|---|
| चिह्न | बिच्छू |
| तत्व | जल |
| स्वभाव | स्थिर |
| स्वामी ग्रह | मंगल |
| शुभ रंग | मैरून |
| शुभ दिन | मंगलवार |
| शुभ अंक | 4, 9 |
| रत्न | मूंगा |
| शरीर का अंग | प्रजनन तंत्र |
स्वभाव व व्यक्तित्व
- तीव्र
- दृढ़
- चुंबकीय
- रहस्यमय
- ईर्ष्यालु
वृश्चिक राशि के जातक स्वभाव से तीव्र और दृढ़ होते हैं। मंगल का प्रभाव इन्हें चुंबकीय बनाता है, वहीं दबाव में रहस्यमय और ईर्ष्यालु होने की प्रवृत्ति भी दिखती है। जल तत्व इनके निर्णय लेने के ढंग को तय करता है और स्थिर स्वभाव बताता है कि ये परिवर्तन को कैसे अपनाते हैं।
सर्वाधिक अनुकूल राशियाँ
कम अनुकूल राशियाँ
नक्षत्र
सुझाए गए उपाय
मंगल को बल देने के लिए मंगलवार का दिन विशेष माना जाता है। इस दिन मैरून रंग की वस्तु का दान, स्वामी ग्रह के मंत्र का जाप और सात्विक आहार परंपरागत उपाय हैं। मूंगा धारण करने से पहले योग्य ज्योतिषी से कुंडली दिखाएँ।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
वृश्चिक राशि की तिथि अवधि क्या है?
वृश्चिक राशि की सूर्य-आधारित तिथि अवधि 23 अक्टूबर – 21 नवंबर है। वैदिक ज्योतिष में राशि जन्म के समय चंद्रमा की स्थिति से तय होती है, इसलिए आपकी चंद्र राशि भिन्न हो सकती है।
वृश्चिक राशि के लिए सबसे अनुकूल राशि कौन है?
वृश्चिक राशि के लिए कर्क, कन्या, मकर सर्वाधिक अनुकूल मानी जाती हैं। तत्वों की मित्रता और राशि-चक्र में दूरी इसका मुख्य आधार है।
वृश्चिक राशि का स्वामी ग्रह और रत्न कौन है?
वृश्चिक राशि का स्वामी ग्रह मंगल है और इसका रत्न मूंगा है। शुभ रंग मैरून और शुभ दिन मंगलवार है।
वृश्चिक राशि के जातकों की सबसे बड़ी कमज़ोरी क्या है?
दबाव की स्थिति में वृश्चिक राशि के जातक रहस्यमय और ईर्ष्यालु हो सकते हैं। इसे पहचान लेना ही इसका सबसे अच्छा समाधान है।