माणिक रत्न

माणिक सूर्य ग्रह का रत्न है। इसे रविवार को सोना में अनामिका उंगली में धारण करने की परंपरा है।

मुख्य तथ्य

ग्रहसूर्य
उंगलीअनामिका
धातुसोना
धारण का दिनरविवार
उपरत्नगारनेट, लाल स्पिनल
सामान्य वज़न3–6 carat

उपरत्न — सस्ता विकल्प

माणिक महँगा होने पर इसका उपरत्न गारनेट, लाल स्पिनल धारण किया जाता है। उपरत्न का प्रभाव धीमा माना जाता है, इसलिए इसका वज़न मुख्य रत्न से अधिक रखा जाता है। सामान्य वज़न 3–6 carat के बीच सुझाया जाता है, परंतु यह जातक के शरीर-भार और कुंडली दोनों पर निर्भर करता है।

किसे नहीं पहनना चाहिए

यदि आपकी कुंडली में सूर्य छठे, आठवें या बारहवें भाव का स्वामी है, तो माणिक धारण करना सामान्यतः वर्जित माना जाता है, क्योंकि इससे उस भाव का प्रभाव भी बढ़ता है। गर्भावस्था, चल रही चिकित्सा या मानसिक तनाव की स्थिति में नया रत्न आरंभ करने से पहले परामर्श विशेष रूप से आवश्यक है।

किसे पहनना चाहिए

माणिक उन जातकों के लिए बताया जाता है जिनकी कुंडली में सूर्य शुभ भाव का स्वामी होकर कमज़ोर स्थिति में हो। यदि सूर्य अशुभ भाव का स्वामी है तो यह रत्न लाभ के बदले हानि दे सकता है।

धारण विधि

सावधानी: नीलम, गोमेद और लहसुनिया को परीक्षण अवधि के बाद ही स्थायी रूप से धारण करना चाहिए। किसी भी रत्न से पहले योग्य ज्योतिषी से कुंडली दिखाना आवश्यक है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

माणिक किस ग्रह का रत्न है?

माणिक सूर्य ग्रह का रत्न है और इसे रविवार को धारण करना शुभ माना जाता है।

माणिक किस उंगली में पहनें?

परंपरा के अनुसार माणिक को सोना में जड़वाकर अनामिका उंगली में धारण किया जाता है।

क्या माणिक कोई भी पहन सकता है?

नहीं। रत्न कुंडली में ग्रह की भाव-स्थिति देखकर ही पहनना चाहिए, अन्यथा यह प्रतिकूल प्रभाव दे सकता है।