कर्क राशि (Cancer)
कर्क राशि चक्र की 4वीं राशि है। तिथि अवधि 21 जून – 22 जुलाई, तत्व जल, स्वामी ग्रह चंद्र।
मुख्य तथ्य
| तिथि अवधि | 21 जून – 22 जुलाई |
|---|---|
| चिह्न | केकड़ा |
| तत्व | जल |
| स्वभाव | चर |
| स्वामी ग्रह | चंद्र |
| शुभ रंग | चांदी जैसा |
| शुभ दिन | सोमवार |
| शुभ अंक | 2, 7 |
| रत्न | मोती |
| शरीर का अंग | छाती व पेट |
स्वभाव व व्यक्तित्व
- स्नेही
- सहज-बोध वाले
- वफ़ादार
- भावुक
- अति-संवेदनशील
कर्क राशि के जातक स्वभाव से स्नेही और सहज-बोध वाले होते हैं। चंद्र का प्रभाव इन्हें वफ़ादार बनाता है, वहीं दबाव में भावुक और अति-संवेदनशील होने की प्रवृत्ति भी दिखती है। जल तत्व इनके निर्णय लेने के ढंग को तय करता है और चर स्वभाव बताता है कि ये परिवर्तन को कैसे अपनाते हैं।
सर्वाधिक अनुकूल राशियाँ
कम अनुकूल राशियाँ
नक्षत्र
सुझाए गए उपाय
चंद्र को बल देने के लिए सोमवार का दिन विशेष माना जाता है। इस दिन चांदी जैसा रंग की वस्तु का दान, स्वामी ग्रह के मंत्र का जाप और सात्विक आहार परंपरागत उपाय हैं। मोती धारण करने से पहले योग्य ज्योतिषी से कुंडली दिखाएँ।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कर्क राशि की तिथि अवधि क्या है?
कर्क राशि की सूर्य-आधारित तिथि अवधि 21 जून – 22 जुलाई है। वैदिक ज्योतिष में राशि जन्म के समय चंद्रमा की स्थिति से तय होती है, इसलिए आपकी चंद्र राशि भिन्न हो सकती है।
कर्क राशि के लिए सबसे अनुकूल राशि कौन है?
कर्क राशि के लिए वृषभ, कन्या, वृश्चिक सर्वाधिक अनुकूल मानी जाती हैं। तत्वों की मित्रता और राशि-चक्र में दूरी इसका मुख्य आधार है।
कर्क राशि का स्वामी ग्रह और रत्न कौन है?
कर्क राशि का स्वामी ग्रह चंद्र है और इसका रत्न मोती है। शुभ रंग चांदी जैसा और शुभ दिन सोमवार है।
कर्क राशि के जातकों की सबसे बड़ी कमज़ोरी क्या है?
दबाव की स्थिति में कर्क राशि के जातक भावुक और अति-संवेदनशील हो सकते हैं। इसे पहचान लेना ही इसका सबसे अच्छा समाधान है।