कुंभ राशि (Aquarius)
कुंभ राशि चक्र की 11वीं राशि है। तिथि अवधि 20 जनवरी – 18 फ़रवरी, तत्व वायु, स्वामी ग्रह शनि।
मुख्य तथ्य
| तिथि अवधि | 20 जनवरी – 18 फ़रवरी |
|---|---|
| चिह्न | कलश |
| तत्व | वायु |
| स्वभाव | स्थिर |
| स्वामी ग्रह | शनि |
| शुभ रंग | आसमानी नीला |
| शुभ दिन | शनिवार |
| शुभ अंक | 4, 8 |
| रत्न | नीलम |
| शरीर का अंग | टखने व रक्त संचार |
स्वभाव व व्यक्तित्व
- मौलिक
- परहितकारी
- स्वतंत्र
- तटस्थ
- विरोधाभासी
कुंभ राशि के जातक स्वभाव से मौलिक और परहितकारी होते हैं। शनि का प्रभाव इन्हें स्वतंत्र बनाता है, वहीं दबाव में तटस्थ और विरोधाभासी होने की प्रवृत्ति भी दिखती है। वायु तत्व इनके निर्णय लेने के ढंग को तय करता है और स्थिर स्वभाव बताता है कि ये परिवर्तन को कैसे अपनाते हैं।
सर्वाधिक अनुकूल राशियाँ
कम अनुकूल राशियाँ
नक्षत्र
सुझाए गए उपाय
शनि को बल देने के लिए शनिवार का दिन विशेष माना जाता है। इस दिन आसमानी नीला रंग की वस्तु का दान, स्वामी ग्रह के मंत्र का जाप और सात्विक आहार परंपरागत उपाय हैं। नीलम धारण करने से पहले योग्य ज्योतिषी से कुंडली दिखाएँ।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कुंभ राशि की तिथि अवधि क्या है?
कुंभ राशि की सूर्य-आधारित तिथि अवधि 20 जनवरी – 18 फ़रवरी है। वैदिक ज्योतिष में राशि जन्म के समय चंद्रमा की स्थिति से तय होती है, इसलिए आपकी चंद्र राशि भिन्न हो सकती है।
कुंभ राशि के लिए सबसे अनुकूल राशि कौन है?
कुंभ राशि के लिए मेष, मिथुन, तुला सर्वाधिक अनुकूल मानी जाती हैं। तत्वों की मित्रता और राशि-चक्र में दूरी इसका मुख्य आधार है।
कुंभ राशि का स्वामी ग्रह और रत्न कौन है?
कुंभ राशि का स्वामी ग्रह शनि है और इसका रत्न नीलम है। शुभ रंग आसमानी नीला और शुभ दिन शनिवार है।
कुंभ राशि के जातकों की सबसे बड़ी कमज़ोरी क्या है?
दबाव की स्थिति में कुंभ राशि के जातक तटस्थ और विरोधाभासी हो सकते हैं। इसे पहचान लेना ही इसका सबसे अच्छा समाधान है।