मीन राशि (Pisces)

मीन राशि चक्र की 12वीं राशि है। तिथि अवधि 19 फ़रवरी – 20 मार्च, तत्व जल, स्वामी ग्रह गुरु।

मुख्य तथ्य

तिथि अवधि19 फ़रवरी – 20 मार्च
चिह्नमछली
तत्वजल
स्वभावद्विस्वभाव
स्वामी ग्रहगुरु
शुभ रंगसमुद्री हरा
शुभ दिनगुरुवार
शुभ अंक3, 7
रत्नपुखराज
शरीर का अंगपैर व लसीका तंत्र

स्वभाव व व्यक्तित्व

मीन राशि के जातक स्वभाव से करुणामय और कल्पनाशील होते हैं। गुरु का प्रभाव इन्हें कलात्मक बनाता है, वहीं दबाव में पलायनवादी और अति-विश्वासी होने की प्रवृत्ति भी दिखती है। जल तत्व इनके निर्णय लेने के ढंग को तय करता है और द्विस्वभाव स्वभाव बताता है कि ये परिवर्तन को कैसे अपनाते हैं।

सर्वाधिक अनुकूल राशियाँ

कम अनुकूल राशियाँ

नक्षत्र

सुझाए गए उपाय

गुरु को बल देने के लिए गुरुवार का दिन विशेष माना जाता है। इस दिन समुद्री हरा रंग की वस्तु का दान, स्वामी ग्रह के मंत्र का जाप और सात्विक आहार परंपरागत उपाय हैं। पुखराज धारण करने से पहले योग्य ज्योतिषी से कुंडली दिखाएँ।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मीन राशि की तिथि अवधि क्या है?

मीन राशि की सूर्य-आधारित तिथि अवधि 19 फ़रवरी – 20 मार्च है। वैदिक ज्योतिष में राशि जन्म के समय चंद्रमा की स्थिति से तय होती है, इसलिए आपकी चंद्र राशि भिन्न हो सकती है।

मीन राशि के लिए सबसे अनुकूल राशि कौन है?

मीन राशि के लिए वृषभ, कर्क, वृश्चिक सर्वाधिक अनुकूल मानी जाती हैं। तत्वों की मित्रता और राशि-चक्र में दूरी इसका मुख्य आधार है।

मीन राशि का स्वामी ग्रह और रत्न कौन है?

मीन राशि का स्वामी ग्रह गुरु है और इसका रत्न पुखराज है। शुभ रंग समुद्री हरा और शुभ दिन गुरुवार है।

मीन राशि के जातकों की सबसे बड़ी कमज़ोरी क्या है?

दबाव की स्थिति में मीन राशि के जातक पलायनवादी और अति-विश्वासी हो सकते हैं। इसे पहचान लेना ही इसका सबसे अच्छा समाधान है।