मेष राशि (Aries)
मेष राशि चक्र की 1वीं राशि है। तिथि अवधि 21 मार्च – 19 अप्रैल, तत्व अग्नि, स्वामी ग्रह मंगल।
मुख्य तथ्य
| तिथि अवधि | 21 मार्च – 19 अप्रैल |
|---|---|
| चिह्न | भेड़ |
| तत्व | अग्नि |
| स्वभाव | चर |
| स्वामी ग्रह | मंगल |
| शुभ रंग | लाल |
| शुभ दिन | मंगलवार |
| शुभ अंक | 1, 9 |
| रत्न | मूंगा |
| शरीर का अंग | सिर |
स्वभाव व व्यक्तित्व
- साहसी
- ऊर्जावान
- अग्रणी
- अधीर
- स्पष्टवादी
मेष राशि के जातक स्वभाव से साहसी और ऊर्जावान होते हैं। मंगल का प्रभाव इन्हें अग्रणी बनाता है, वहीं दबाव में अधीर और स्पष्टवादी होने की प्रवृत्ति भी दिखती है। अग्नि तत्व इनके निर्णय लेने के ढंग को तय करता है और चर स्वभाव बताता है कि ये परिवर्तन को कैसे अपनाते हैं।
सर्वाधिक अनुकूल राशियाँ
कम अनुकूल राशियाँ
नक्षत्र
सुझाए गए उपाय
मंगल को बल देने के लिए मंगलवार का दिन विशेष माना जाता है। इस दिन लाल रंग की वस्तु का दान, स्वामी ग्रह के मंत्र का जाप और सात्विक आहार परंपरागत उपाय हैं। मूंगा धारण करने से पहले योग्य ज्योतिषी से कुंडली दिखाएँ।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मेष राशि की तिथि अवधि क्या है?
मेष राशि की सूर्य-आधारित तिथि अवधि 21 मार्च – 19 अप्रैल है। वैदिक ज्योतिष में राशि जन्म के समय चंद्रमा की स्थिति से तय होती है, इसलिए आपकी चंद्र राशि भिन्न हो सकती है।
मेष राशि के लिए सबसे अनुकूल राशि कौन है?
मेष राशि के लिए मिथुन, सिंह, धनु सर्वाधिक अनुकूल मानी जाती हैं। तत्वों की मित्रता और राशि-चक्र में दूरी इसका मुख्य आधार है।
मेष राशि का स्वामी ग्रह और रत्न कौन है?
मेष राशि का स्वामी ग्रह मंगल है और इसका रत्न मूंगा है। शुभ रंग लाल और शुभ दिन मंगलवार है।
मेष राशि के जातकों की सबसे बड़ी कमज़ोरी क्या है?
दबाव की स्थिति में मेष राशि के जातक अधीर और स्पष्टवादी हो सकते हैं। इसे पहचान लेना ही इसका सबसे अच्छा समाधान है।