वृषभ राशि (Taurus)
वृषभ राशि चक्र की 2वीं राशि है। तिथि अवधि 20 अप्रैल – 20 मई, तत्व पृथ्वी, स्वामी ग्रह शुक्र।
मुख्य तथ्य
| तिथि अवधि | 20 अप्रैल – 20 मई |
|---|---|
| चिह्न | बैल |
| तत्व | पृथ्वी |
| स्वभाव | स्थिर |
| स्वामी ग्रह | शुक्र |
| शुभ रंग | सफ़ेद |
| शुभ दिन | शुक्रवार |
| शुभ अंक | 2, 6 |
| रत्न | हीरा |
| शरीर का अंग | गला |
स्वभाव व व्यक्तित्व
- धैर्यवान
- भरोसेमंद
- सौंदर्यप्रिय
- हठी
- अधिकारप्रिय
वृषभ राशि के जातक स्वभाव से धैर्यवान और भरोसेमंद होते हैं। शुक्र का प्रभाव इन्हें सौंदर्यप्रिय बनाता है, वहीं दबाव में हठी और अधिकारप्रिय होने की प्रवृत्ति भी दिखती है। पृथ्वी तत्व इनके निर्णय लेने के ढंग को तय करता है और स्थिर स्वभाव बताता है कि ये परिवर्तन को कैसे अपनाते हैं।
सर्वाधिक अनुकूल राशियाँ
कम अनुकूल राशियाँ
नक्षत्र
सुझाए गए उपाय
शुक्र को बल देने के लिए शुक्रवार का दिन विशेष माना जाता है। इस दिन सफ़ेद रंग की वस्तु का दान, स्वामी ग्रह के मंत्र का जाप और सात्विक आहार परंपरागत उपाय हैं। हीरा धारण करने से पहले योग्य ज्योतिषी से कुंडली दिखाएँ।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
वृषभ राशि की तिथि अवधि क्या है?
वृषभ राशि की सूर्य-आधारित तिथि अवधि 20 अप्रैल – 20 मई है। वैदिक ज्योतिष में राशि जन्म के समय चंद्रमा की स्थिति से तय होती है, इसलिए आपकी चंद्र राशि भिन्न हो सकती है।
वृषभ राशि के लिए सबसे अनुकूल राशि कौन है?
वृषभ राशि के लिए कर्क, कन्या, मकर सर्वाधिक अनुकूल मानी जाती हैं। तत्वों की मित्रता और राशि-चक्र में दूरी इसका मुख्य आधार है।
वृषभ राशि का स्वामी ग्रह और रत्न कौन है?
वृषभ राशि का स्वामी ग्रह शुक्र है और इसका रत्न हीरा है। शुभ रंग सफ़ेद और शुभ दिन शुक्रवार है।
वृषभ राशि के जातकों की सबसे बड़ी कमज़ोरी क्या है?
दबाव की स्थिति में वृषभ राशि के जातक हठी और अधिकारप्रिय हो सकते हैं। इसे पहचान लेना ही इसका सबसे अच्छा समाधान है।