शिव वास की तिथियां जानने की विधि (Shiv Vas Tithi) 2024

शिव वास तिथियां जानने की विधि 2024: रुद्राभिषेक करने से पहले आपको यह जान लेना आवश्यक है कि उस समय जब आप यह पाठ करने जा रहे हैं तो “शिव वास” कहां है? क्योंकि यदि सही समय पर यह मंत्र जाप किया जाएगा तो आपके कार्य या इच्छा के पूर्ण होने की सफलता अधिक है और यदि किसी अन्य समय पर किया जाए तो सफलता के योग कम हो सकते है।

शिव वास तिथियां जानने की विधि 2023
शिव वास की तिथियां

शिव वास का अर्थ विभिन्न तिथियों (Shiv vas tithi) से है। शिव वास का अर्थ है की उस समय शिव जी कहाँ निवास कर रहे है और किस कर्त्तव्य की ओर है।

इसलिए किसी उद्देश्य विशेष के लिए रुद्राभिषेक करना चाहते हैं, तो आपको शिव वास अवश्य जान लेना चाहिए। परन्तु इसके विपरीत यदि निष्काम रूप से भगवान शिव की आराधना करना चाहते हैं, तो उसके लिए शिव वास की तिथियां देखा जाना आवश्यक नहीं है। शिव वास को जानने के लिए आप निम्नलिखित वर्णन को पढ़ सकते हैं।

शिव वास की तिथियां जानने की विधि (How To Know Shiv Vas Tithi)

शिव वास देखने का नियम: किसी भी महीने के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा अर्थात प्रथमा, अष्टमी और अमावस्या तथा शुक्ल पक्ष की द्वितीया व नवमी तिथि के दिन भगवान शिव का वास माता गौरी के साथ होता है। ऐसे में यदि आप इस इन तिथियों में रुद्राभिषेक मंत्र से भगवान शिव का रुद्राभिषेक करते हैं, तो आपको सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है।

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मानता गणेश मंदिर मनावर

किसी भी महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तथा एकादशी (ग्यारस) और शुक्ल पक्ष की पंचमी और द्वादशी तिथि में भगवान शिव का वास कैलाश पर्वत पर होता है और इस दिन रुद्राभिषेक मंत्र से शिव आराधना करने पर भगवान शिव की अनुकंपा प्राप्त होती है तथा आपके परिवार में सुख समृद्धि के साथ-साथ आनंद की वृद्धि होती है।

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कैलाश पर्वत Source: pixaybay

किसी भी महीने के कृष्ण पक्ष की पंचमी और द्वादशी तिथि तथा शुक्ल पक्ष की षष्ठी और त्रयोदशी तिथि में भगवान शिव नंदी पर सवार होते हैं और ऐसे में संपूर्ण विश्व में भ्रमण करते हैं। यदि इन तिथियों (shiv vas tithi) में भगवान शिव का रुद्राभिषेक किया जाए, तो आपका अभीष्ट सिद्ध होता है अर्थात जो भी आपकी कामना हो, वह अवश्य ही पूर्ण होती है।

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image source : krishnapath

कृष्ण पक्ष की सप्तमी और चतुर्दशी तथा शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा(प्रथम), अष्टमी और पूर्णिमा तिथियों में भगवान शिव का निवास श्मशान में होता है। वे समाधि में मग्न होते हैं। यदि इन तिथियों (shiv vas tithi) पर रुद्राभिषेक किया जाए, तो भगवान शिव की साधना भंग होने से उनके क्रोधित होने की संभावना होती है और ऐसे में आपको लाभ के स्थान पर हानि हो सकती है और आप के ऊपर कोई बड़ी विपत्ति भी आ सकती है।

कृष्ण पक्ष की द्वितीया और नवमी तथा शुक्ल पक्ष की तृतीया तथा दशमी तिथि में भगवान शिव का वास देवताओं की सभा में होता है, क्योंकि इन (shiv vas tithi) तिथियों पर वे सभी देवताओं की समस्याएं सुनते हैं। यदि इन तिथियों में रुद्राभिषेक से भगवान शिव का आवाहन किया जाए, तो वे क्रुद्ध हो सकते हैं, क्योंकि उनके कार्य में व्यवधान उत्पन्न होता है। इसलिए इस दिन रुद्राभिषेक करने से संताप तथा दुख मिल सकता है।

shiv vas and other devta
source : instagram

कृष्ण पक्ष की तृतीया और दशमी तथा शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तथा एकादशी तिथि में भगवान शिव का वास क्रीड़ा क्षेत्र में होता है क्योंकि वे क्रीड़ा रत रहते हैं। इसलिए इन तिथियों पर रुद्राभिषेक करने से बचना चाहिए, क्योंकि ऐसा करने से आपकी संतान को कष्ट मिलने की संभावना होती है।

किसी भी महीने के कृष्ण पक्ष की षष्ठी और त्रयोदशी तथा शुक्ल पक्ष की सप्तमी और चतुर्दशी तिथि में भगवान शिव का वास भोजन स्थल में होता है और वे भोजन करते हैं। यदि इस (shiv vas tithi) दिन रुद्राभिषेक मंत्र से शिव जी का आवाहन करने पर वह व्यक्ति को पीड़ा दे सकते हैं इसलिए इस दिन भी रुद्राभिषेक मंत्र का जाप नहीं करना चाहिए।

शिव वास की तिथियां 2024 (Shiv Vas Tithi Chart)

शिव वास की तिथियां कृष्ण पक्ष (Krishna Paksha Shiv Vas Tithi)

कृष्ण पक्ष तिथिशिव का वासफल
प्रथम (प्रतिपदा)माता गौरी के साथसुख -समृद्धि की प्राप्ति
द्वितीयादेवताओं की सभा मेंदुख
तृतीयाक्रीड़ा क्षेत्रसंतान को कष्ट
चतुर्थीकैलाश पर्वतसुख-समृद्धि-आनंद की वृद्धि
पंचमीनंदी पर सवारमनोकामना पूर्ण
षष्टीभोजन स्थलपीड़ा
सप्तमी निवास श्मशानहानि
अष्टमी माता गौरी के साथसुख -समृद्धि की प्राप्ति
नवमी देवताओं की सभा मेंदुख
दशमी क्रीड़ा क्षेत्रसंतान को कष्ट
एकादशीकैलाश पर्वतसुख-समृद्धि-आनंद की वृद्धि
द्वादशीनंदी पर सवारमनोकामना पूर्ण
त्रयोदशीभोजन स्थलपीड़ा
चतुर्दशीनिवास श्मशानहानि
अमावस्यामाता गौरी के साथसुख -समृद्धि की प्राप्ति
शिव का वास कृष्ण पक्ष तिथि

शिव वास की तिथियां शुक्ल पक्ष (Shukla Paksha Shiv Vas Tithi)

शुक्ल पक्ष तिथिशिव का वासफल
प्रथम (प्रतिपदा)निवास श्मशानहानि
द्वितीयामाता गौरी के साथसुख -समृद्धि की प्राप्ति
तृतीयादेवताओं की सभा मेंदुख
चतुर्थीक्रीड़ा क्षेत्रसंतान को कष्ट
पंचमीकैलाश पर्वतसुख-समृद्धि-आनंद की वृद्धि
षष्टीनंदी पर सवारमनोकामना पूर्ण
सप्तमी भोजन स्थलपीड़ा
अष्टमी निवास श्मशानहानि
नवमी माता गौरी के साथसुख -समृद्धि की प्राप्ति
दशमी देवताओं की सभा मेंदुख
एकादशीक्रीड़ा क्षेत्रसंतान को कष्ट
द्वादशीकैलाश पर्वतसुख-समृद्धि-आनंद की वृद्धि
त्रयोदशीनंदी पर सवारमनोकामना पूर्ण
चतुर्दशीभोजन स्थलपीड़ा
पूर्णिमानिवास श्मशानहानि
शिव का वास शुक्ल पक्ष तिथि

रुद्राभिषेक करने की तिथियां श्रावण मास जुलाई – अगस्त 2024 (Shiv Vas Tithi July – August)

रुद्राभिषेक करने की तिथियां कृष्णपक्ष श्रावण जुलाई 2024 (Rudrabhishek Tithi July August)

दिनांककृष्ण पक्ष तिथिशिव का वासफल
22/7/2024प्रथम(प्रतिपदा) (सावन सोमवार व्रत,
महाकाल सवारी)
माता गौरी के साथसुख -समृद्धि की प्राप्ति
23/7/2024द्वितीयादेवताओं की सभा मेंदुख
24/7/2024तृतीया (संकट चतुर्थी व्रत)क्रीड़ा क्षेत्रसंतान को कष्ट
24/7/2024चतुर्थीकैलाश पर्वतसुख-समृद्धि-आनंद की वृद्धि
25/7/2024पंचमीनंदी पर सवारमनोकामना पूर्ण
26/7/2024षष्टीभोजन स्थलपीड़ा
27/7/2024सप्तमी निवास श्मशानहानि
28/7/2024अष्टमी माता गौरी के साथसुख -समृद्धि की प्राप्ति
29/7/2024नवमी (सावन सोमवार व्रत,
महाकाल सवारी)
देवताओं की सभा मेंदुख
30/7/2024दशमी क्रीड़ा क्षेत्रसंतान को कष्ट
31/7/2024एकादशी (कामिका एकादशी व्रत)कैलाश पर्वतसुख-समृद्धि-आनंद की वृद्धि
1/8/2024द्वादशी (प्रदोष व्रत)नंदी पर सवारमनोकामना पूर्ण
2/8/2024त्रयोदशीभोजन स्थलपीड़ा
3/8/2024चतुर्दशीनिवास श्मशानहानि
4/8/2024अमावस्या (हरियाली अमावस्या)माता गौरी के साथसुख -समृद्धि की प्राप्ति
शिव का वास कृष्ण पक्ष तिथि

रुद्राभिषेक करने की तिथियां शुक्ल पक्ष श्रावण अगस्त 2024 (Rudrabhishek Tithi August)

दिनांकशुक्ल पक्ष तिथिशिव का वासफल
5/8/2024प्रथम(प्रतिपदा) (सावन सोमवार व्रत,
महाकाल सवारी)
निवास श्मशानहानि
6/8/2024द्वितीयामाता गौरी के साथसुख -समृद्धि की प्राप्ति
7/8/2024तृतीयादेवताओं की सभा मेंदुख
8/8/2024चतुर्थीक्रीड़ा क्षेत्रसंतान को कष्ट
9/8/2024पंचमीकैलाश पर्वतसुख-समृद्धि-आनंद की वृद्धि
10/8/2024षष्टीनंदी पर सवारमनोकामना पूर्ण
11/8/2024सप्तमी भोजन स्थलपीड़ा
12/8/2024सप्तमी (सावन सोमवार व्रत,
महाकाल सवारी)
भोजन स्थलपीड़ा
13/8/2024अष्टमी निवास श्मशानहानि
14/8/2024नवमी माता गौरी के साथसुख -समृद्धि की प्राप्ति
15/8/2024दशमी देवताओं की सभा मेंदुख
16/8/2024एकादशी (पद्मिनी एकादशी व्रत)क्रीड़ा क्षेत्रसंतान को कष्ट
17/8/2024द्वादशी (प्रदोष व्रत)कैलाश पर्वतसुख-समृद्धि-आनंद की वृद्धि
17/8/2024त्रयोदशीनंदी पर सवारमनोकामना पूर्ण
18/8/2024चतुर्दशीभोजन स्थलपीड़ा
19/8/2024पूर्णिमानिवास श्मशानहानि
शिव का वास शुक्ल पक्ष तिथि

उपरोक्त तालिका के माध्यम से आप हरियाली अमावस्या , सावन सोमवार व्रत ,महाकाल सवारी ,प्रदोष व्रत,कामिका एकादशी व्रत ,नागपंचमी ,संकट चतुर्थी व्रत आदि दिनांकों के साथ साथ रुद्राभिषेक करने की जुलाई और अगस्त श्रावण महीने की कृष्णपक्ष और शुक्ल पक्ष की तिथियां भी जान सकते है।

इस प्रकार से आप 2024 में शिव वास की तिथियां और रुद्राभिषेक की तिथियां को जानकर सकाम रूप से शिव जी का रुद्राभिषेक पूजन और उनकी भक्ति कर सकते है ।

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