मकर राशि के इष्ट देव कौन है (Makar Rashi ke isht dev kaun hai)

Makar Rashi ke isht dev kaun hai: मकर राशि दसवे नम्बर की राशि है। काल पुरुष की कुंडली में इसका स्थान दसवे भाव में होता है। मकर राशि का चिन्ह जंगली बकरा है। यह मेष राशि के प्रतिक मेढ़ा जैसा ही लगता है। जो जंगलो में चल जाता है पहाड़ियों पर चढ़ जाता है।इस राशि के जातक प्रैक्टिकल किस्म के होते है जिन्हे जीवन में निरंतर प्रयास करना आवश्यक है। यह अंदर से डर और चिंताओं से युक्त होते है। अपने बारे में ज्यादा बताते नहीं है। यह मैनेजमेंट वाले कामो में अच्छे होते है। किसी स्थिति को बहुत गहरे में समझते है। इनकी कार्य शैली बहुत अच्छी होती है।

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2 मकर राशि के बारे में संपूर्ण जानकारी (Makar Rashi Facts)

मकर राशि क्या है (Capricorn Rashi in Hindi)

काल पुरुष की कुंडली में 10th हाउस मकर राशि को दर्शाता है। मकर राशि क्या है इसे ऐसे समझे की जिस जातक का जन्म मकर राशि में हुआ है यानि उसकी कुंडली में मकर राशि लिखी है इसका अर्थ है की उसके जन्म के समय चन्द्रमा मकर राशि में स्थित है। जन्म के समय चन्द्रमा जिस राशि में स्थित है वही राशि जन्म राशि कहलाती है। मकर राशि के इष्ट देव कौन है यह आगे हम इसी पोस्ट में जानेंगे ।

मकर राशि एक पृथ्वी तत्व राशि है जो चलायमान है यानि चर राशि है। इन राशियों के जातको का जीवन परिवर्तनशील होता है कहने का तात्पर्य की जीवन में परिवर्तन आवश्यक है। यह किसी भी स्थिति को अपने पक्ष में कर लेते है ऐसा इन राशियों के जातको में देखा जाता है। मकर राशि शनि की राशि है ।

मकर राशि के बारे में संपूर्ण जानकारी (Makar Rashi Facts)

मकर राशि के जातक का स्वाभाव (Makar Rashi Nature)

यह मितव्ययी, विचारशील, उत्तम विवेक शक्ति, सत्ताप्रेमी, आत्मनिर्भर, बुद्धिजीवी होते है। किसी भी कार्य में सफलता नहीं मिलने तक निराश ही रहते है। सांसारिक कार्यों में तथ्यों और आंकड़ों का प्रयोग करते हैं। ईमानदार और निष्कपट होते हैं। शक्ति के आगे अडिग रहते है परंतु सज्जनता और मित्रता के सामने नतमस्तक हो जाते हैं। संगठन क्षमता उत्तम होती है। कठिनाई में भी किसी से सहायता के लिए नहीं कहते हैं।

वाकशक्ति में बाधाएं रहती है उच्च और सामाजिक पदो के लिए उपयुक्त होते हैं। तकनीकी और वित्तीय कार्यों में सफल होते हैं। नवागंतुकों के साथ मित्रता में शिथिल रहते है पर पुराने मित्रों से अच्छे संबंध होते हैं। प्रेम प्रसंग में रूचि कम होती हैं पर परविार और प्रियजनों की उत्तम देखभाल करते हैं। विपरीत लिंग के व्यक्तियों से बातचीत में शिथिल और अति सावधान रहते हैं। किसी बात को खुल के नहीं बोलते। यह अपने आप को ठीक से एक्सप्रेस नहीं कर पाते।

शनि मकर जातको से अपने काम में एक व्यवस्था ,सत्यता चाहता है। शनि प्रेरणा देता है की कुछ भी आसानी से नहीं आता। यह राशि वृद्धि विकास की राशि है। इस राशि के जातक रिस्क लेने में काफी सोच विचार के कार्य करते है । यह राशि किसी भी लक्ष्य को पूर्ण करने में सक्षम है। मकर राशि का जो प्रतिक है जंगली बकरा उसके सींग को प्रतिष्ठा के लिए जाना जाता है क्योंकि सींग के द्वारा ही वह लड़ाई करता है। इस राशि के जातको को अपनी स्थितियों से लड़ने के लिए संघर्ष भी करना पड़ता है। यह राशि के जातक अपनी योजनाओ को काफी गुप्त तरीके से बनाये रखते है। इनमे असुरक्षा की भावना काफी होती है।

मकर राशि के जातक की शारीरिक संरचना (makar rashi personality)

इनका दुबला-पतला शरीर, उम्र के साथ स्वास्थ्य ठीक होता है, बडे़ दांत, बड़ा मुख, नाक विशिष्ट रहती है। बाल काले और मोटे हैं, चेहरा पतला और अंडाकार ,कुबड़ी कमर, घुटनों पर मस्सा या निशान, मगरमच्छ के समान जबड़े ,लघु मस्तक, दाढ़ी में बाल कम रहते हैं। माध्यम कद तीखे नयन ,सुन्दर मुखाकृति ,पतले होंठ तथा दार्शनिक और वैज्ञानिक के समान नजर आते है।

मकर राशि का चिन्ह (Makar Rashi symbol)

मकर राशि का चिन्ह एक जंगली बकरा होता है जिसका पिछले हिस्सा मछली के सामान होता है। लेकिन जयपुर स्थित जंतर-मंतर में और कुछ प्राचीन ग्रंथो में मकर राशि चिन्ह में ऐसे प्राणी की बात की गयी है जिसका अगला हिस्सा हिरन का और पिछले हिस्सा मगर के सामान है।

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जयपुर स्थित जंतर-मंतर में मकर राशि चिन्ह

मकर राशि का स्‍वामी (Makar Rashi lord)

मकर राशि के स्वामी शनि देव होते है।

मकर राशि तत्व (Makar Rashi element)

मकर राशि एक पृथ्वी तत्व राशि है जो चलायमान है।

मकर राशि के इष्ट देव कौन है (Makar Rashi ke isht dev kaun hai)

Makar Rashi ke isht dev kaun hai: वैसे तो शनि देव इस राशि के स्वामी होते है लेकिन अगर मकर राशि के इष्ट देव कौन है की बात की जाये तो दुर्गा जी मकर राशि के इष्ट देवी होती है। इसके अलावा हनुमानजी को भी मकर राशि के इष्ट देव के रूप में पूजा जाता है ।

मकर राशि के इष्ट देव कौन है (Makar Rashi ke isht dev kaun hai)
मकर राशि के इष्ट दुर्गा जी

मकर राशि का रंग (Makar Rashi color)

मकर राशि का रंग काला और नीले और सफ़ेद से युक्त होता है।

मकर राशि का व्यवसाय (Makar Rashi Professions)

शनि का भूमि क्षेत्र से विशेष संबंध है । शनि पृथ्वी के भीतर पाये जाने वाले पदार्थ का कारक है।
इसमें लोहा संबन्धित कार्य , मशीनरी के कार्य , केमिकल प्रोडक्ट , ज्वलनशील तेल ( पैट्रोल, डीजल आदि ) , कुकिंग गैस , प्राचीन वस्तुएं , पुरातत्व विभाग।

अनुसंधान कार्य , ज्योतिष कार्य , लोहे से संबंधित कच्ची धातु , कोयला , चमड़े का काम , जूते , अधिक श्रम वाला कार्य , नौकरी , मजदूरी , ठेकेदारी , दस्तकारी , मरम्मत के कार्य , लकड़ी का कार्य , मोटा अनाज , प्लास्टिक एवम रबर उद्योग , काले पदार्थ , स्पेयर पार्ट्स , भवन निर्माण सामग्री , पत्थर एवम चिप्स , ईट।

शीशा , टाइल्स , राजमिस्त्री , बढ़ई , श्रम एवम समाज कल्याण विभाग , टायर उद्योग , पलम्बर , , पी डब्लू डी , सड़क निर्माण , सीमेंट आदि को देखा जाता है।

मकर राशि के संभावित रोग (Makar Rashi diseases)

मकर राशि जातको में अक्सर घुटनों में चोट, त्वचा रोग, खरोंच, हड्डी टूटना, गठिया, पित्ती आदि । बाल्यावस्था में अग्नि, हथियार या लोहे से चोट की आशंका रहती है।

मकर राशि में उच्च ,नीच और मूल ग्रह

मकर राशि मंगल की उच्च राशि है। वही गुरु मकर राशि में नीच का हो जाता है। तथा मकर शनि की मूल राशि है।

मकर राशि के लिए मंत्र (Makar Rashi mantra)

।। ॐ श्री वत्सलाय नमः।।

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।। ॐ श्री वत्सलाय नमः।।

इस मंत्र का प्रति दिन 1 माला जाप करना चाहिए। इसके अलावा शिवजी का मंत्र ॐ नमः शिवाय का भी जाप किया जा सकता है।

मकर राशि के लिए धातु (Makar Rashi metal)

मकर राशि के लिए लोहा मूल धातु मानि गयी है।

मकर राशि के लिए रत्न (Makar Rashi gemstone)

मकर राशि के लिए नीलम मूल रत्न मन गया है। लेकिन यह कुंडली में लग्न और कारक ग्रहो और सम्पूर्ण कुंडली को जानकर ही पहनने के योग्य होता है।

मकर राशि के लिए रुद्राक्ष (Makar Rashi rudraksha)

मकर राशि के लिए सात मुखी रुद्राक्ष को धारण करने के बारे में बताया गया है।

मकर राशि नाम अक्षर (Makar Rashi starting name letter)

जिन लोगों के नाम का पहला अक्षर भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी है, वे मकर राशि के होते हैं।

आज आपने इस लेख में जाना की मकर राशि के इष्ट देव कौन है (Makar Rashi ke Isht Dev Kaun Hai) उसके बारे में चर्चा की। मकर राशि क्या है तथा मकर राशि के बारे में आवश्यक जानकारी आपको कैसी लगी। आशा है कि यह आपको अपने दैनिक जीवन में सहायता प्रदान करेगा।

FAQ:

क्या मकर राशि का रत्न कोई भी धारण कर सकता है ?

नहीं ,नीलम धारण करने के लिए कुंडली का अध्ययन करना आवश्यक है।

क्या मकर राशि के जातक 7 मुखी रुद्राक्ष धारण कर सकते है ?

हाँ ,सात मुखी रुद्राक्ष को कोई भी धारण कर सकता है।

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