एक मुखी रुद्राक्ष के फायदे|1 Mukhi Rudraksha Benefits in hindi

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1 mukhi rudraksha (एक मुखी रुद्राक्ष) में एक प्राकृतिक धारी होती है। एक मुखी रुद्राक्ष को परब्रह्म माना जाता है। इसे साक्षात्‌ भगवान शिव का ही रूप माना जाता है, इसमें भगवान शिव खुद ही विराजते हैं। एक मुखी रुद्राक्ष के विषय में कहा गया है कि इसके दर्शन मात्र से ही मानव का कल्याण हो जाता है, तो पूजन अथवा धारण से क्‍या नहीं हो सकता होगा ? यह ब्रह्म-हत्या जैसे महापाप को नष्ट करता है। जिस घर में यह होता है उस घर में लक्ष्मी विशेष रूप से विराजमान होती हैं।

यह घारणकर्त्ता को सभी तरह के नुकसान तथा डर से दूर रखता है। जिसके साथ भगवान शिव खुद ही रहते हों उसे भला क्या प्राप्त नहीं हो सकता है। एक मुख वाला रुद्राक्ष सर्वोत्तम, सर्वमनोकामना-सिद्धि, फलदायक और मोक्षदाता है। इसे सभी रुद्राक्षों में सबसे ज्यादा फल देने वाला माना गया है। इसे धारण करने से सभी तरह के अनिष्ट दूर हो जाते हैं, चाहे वह परिस्थितिवश हों या दुश्मन-जनित।

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एक मुखी रुद्राक्ष को पूजने से मनवांछित फल प्राप्त होता है। गले में अथवा पूजन में एक मुख वाला रुद्राक्ष धारण करने से अवश्य ही पुण्य उदय होता है। एक मुख वाला रुद्राक्ष मानसिक शान्ति देकर मानव के समस्त पाप तथा संकट हर लेता है इसमें कोई शक नहीं है तथा यह प्रमाणित है।

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एक मुखी रुद्राक्ष कैसा होता है(How to identify 1 Mukhi Rudraksha)

एक मुखी रुद्राक्ष प्रायः भूरे रंग लिए होता है इसलिए इसे ३-४ दिन के लिए घी में डूबकर रखना चाहिए जिससे इसके रंग में गहराई आती है।1 Mukhi Rudraksha काजू के सामान दीखता है जिसे अर्धचंद्र के रूप में भी देख सकते है। शिवमहापुराण में गोलाकार एक मुखी रुद्राक्ष का उल्लेख है जो वर्तमान में मिलना बहुत मुश्किल है।एक मुखी रुद्राक्ष दुर्लभ होता है। Ek mukhi rudraksha दूसरे रुद्राक्षों के मुकाबले बहुत ही कम मात्रा में पैदा होता है तथा नेपाली एक मुखी तो सर्वथा दुर्लभ वस्तु ही है।

नकली एक मुखी रुद्राक्ष(Fake Ek Mukhi Rudraksha)

एक मुखी रुद्राक्ष चाहे काजूदाना हो या गोल आकर का हो इनकी बाजार में कई नकली कलाकृति मौजूद है। आप अगर एक मुखी रुद्राक्ष को यंहा वंहा जैसे हरिद्वार में या महेश्वर में जमीन पर बैठकर दुकाने लगाते है वो आपको नकली रुद्राक्ष दे ही देंगे। नकली एक मुखी रुद्राक्ष कैसा होता है या इसे कैसे पहचाने इसके बारे में मैंने कुछ चीजे देखि है-

निराकार रुद्राक्ष(Nirakar Rudraksha)

प्रायः देखने में आता है की निराकार रुद्राक्ष जिसमे कोई धारी नहीं होती उसे ही एक मुखी बता कर बेच दिया जाता है।

धारी मिटाकर बनाया रुद्राक्ष(By Erasing lines of 5 Mukhi Rudraksha)

मेरा एक मित्र महेश्वर अपने दोस्त के साथ गया था वंहा किले के अंदर काफी लोग बैठे होते है जो रुद्राक्ष,रत्न और अन्य धार्मिक सामग्री बेचते है। वह उन्ही के पास गया उसे एक मुखी रुद्राक्ष बताया जिसकी कीमत ५०० रूपये बताई। उन दोनों मित्रो को रुद्राक्ष के बारे में कोई जानकारी नहीं थी केवल एक मुखी के बारे में सूना था इसलिए उन्होंने कीमते कम करने को कहा। दुकानदार महिला ने आखरी कीमत १०० रूपए बताई और उन्होंने रुद्राक्ष खरीद लिया। उसे वंहा सफ़ेद धागे में पहना भी दिया। जब दोस्त ने मुझे उसका फोटो भेजा दो देखा की उसमे पांच मुखी रुद्राक्ष की ४ धारिया घिस कर मिटा दी है।यह किसी भी रुद्राक्ष के साथ हो सकता है।

प्लास्टिक का रुद्राक्ष(Plastic Rudraksha)

अगर हम ऑनलाइन खरीदी करते है तो एक मुखी रुद्राक्ष जो काजूदाना वाला होता है जैसे दिखने वाले प्लास्टिक के रुद्राक्ष जो १००-२०० रूपए में भी आपको मिलजाए और कोई आपको यह २०००-३००० में भी फेक सर्टिफिकेट के साथ बेच दे।

एक मुखी भद्राक्ष(1 Mukhi Bhadraksha)

भद्राक्ष भी रुद्राक्ष की तरह दिखता है लेकिन आकार में थोड़ा बड़ा होता है। कुछ लोग इसे दक्षिण भारत के जंगल के जहरीले फल का बीज मानते है। कुछ एक मुखी काजूदाना रुद्राक्ष को भी भद्राक्ष मानते है।

एक मुखी रुद्राक्ष कहां मिलेगा(1 Mukhi Rudraksha Location)

असली एक मुखी रुद्राक्ष जो उपलब्ध है वह या तो हरिद्वार (हिमालय) के जंगलों में या रामेश्वरम्‌ के जंगलों में पैदा होते हैं। इसमें भी रामेश्वरम में जो रुद्राक्ष पैदा होता है वह अर्द्ध-चन्द्राकार या काजू के आकार का होता है तथा हरिद्वार (हिमालय) में जो पैदा होता है वह बिल्कुल गोल तो नहीं लगभग गोल जैसा ही होता है। कीमत के मामले में हरिद्वार (हिमालय) का गोल रुद्राक्ष, रामेश्वरम्‌ के अर्द्ध-चन्द्राकार के मुकाबले बहुत कीमत का होता है। यह पूजन हेतु भी अति उत्तम है। इसे आप अपने पूजन स्थान पर चाँदी की तश्तरी अथवा सिंहासन पर रखकर प्रतिदिन पूजा कर सकते हैं।

1 मुखी रुद्राक्ष किसी विश्वनीय व्यक्ति या दुकान से ही खरीदना चाहिए। जो इसका लैब टेस्ट सर्टिफिकेट और X-Ray जिसमे इसकी अंदर की असली संरचना भी होती है वह भी प्राप्त करना चाहिए। आप X-Ray की मदद से Ek Mukhi रुद्राक्ष को पहचान सकते है।

नोट-एक मुख वाला रुद्राक्षऔर 14 मुख वाले रुद्राक्ष का असर एक-जैसा ही है। एक मुख वाला न मिले तो चौदह मुख वाला रुद्राक्ष पहनना अथवा पूजन करना चाहिये।

एक मुखी रुद्राक्ष पहनने के फायदे(1 Mukhi Rudraksha Benefits)

  • Ek Mukhi Rudraksha क्रूर ग्रहो के प्रभावों को दूर करता है।यह सूर्य के नकारात्मक प्रभाव को दूर करता है।अगर आपका लग्न कन्या ,मीन और मकर है तो इसमें सूर्य की राशि ६,८,12 भाव में आती है इसके अलावा अगर सूर्य ६,८,१२,भाव हो। अगर सूर्य शनि ,राहु या इन ग्रहो की दृष्टि सूर्य पर हो तो Ek Mukhi Rudraksha पहना जा सकता है।यह कुंडली में सूर्य को बेहतर बनता है।
  • एक मुखी रुद्राक्ष के दर्शन करने मात्रा से भी पाप विनाश हो जाते है। यह धर्म ,अर्थ, काम ,मोक्ष प्रदान करता है। Ek Mukhi Rudraksha धारण करने से चतुर्वेद पुरुषार्थ की प्राप्ति होती है।
  • अगर आप इसे पहनना नहीं चाहते तो इसे मंदिर में रख कर पूजा की जा सकती है इससे भी यह फायदा देता है। इससे घर में स्थिर लक्ष्मी का निवास होता है तथा स्थिर लक्ष्मी की प्राप्ति होती है ऐसा कहा जाता है।
  • इसके दर्शन स्पर्श करने से मान सम्मान में वृद्धि और अगर घर में वास्तु दोष है तो वास्तु दोष भी ठीक होता है। घर के ईशान कोण में मंदिर में रखने पर वास्तुदोष नष्ट होते जाते है ।
  • अगर घर में कोई व्यक्ति किसी गंभीर बिमारी से पीड़ित है तो एक मुखी रुद्राक्ष को एक कटोरी पानी में रात भर रख कर सुबह उस पानी को रोगी को ११ दिनों तक पिलाने पर रोगी को काफी लाभ होता है।
  • Ek Mukhi Rudraksha धारण करने से सात्विक ऊर्जा की प्राप्ति होती है। मन में सात्विक विचार उत्त्पन्न होते है।
  • अगर शरीर में गर्मी अधिक है या तासीर गर्म है तो एक मुखी रुद्राक्ष श्रेष्ट उपाय है । इसे आप पंचमुखी रुद्राक्ष की माला के साथ पहन सकते है इससे काफी फायदा मिलता है ।
  • ऐसा कहा जाता है की एक मुखी रुद्राक्ष धारण करने से अष्ट सिद्धिया और नौ निधियाँ की प्राप्ति होती है।
  • एक मुखी रुद्राक्ष एक सेतु का कार्य करता है यह आपको आध्यात्मिकता और शिव से सीधे जोड़ने का कार्य करता है ।
  • इसे धारण करने पर आप पितृ दोष से मुक्त हो जाते है तथा पितरो की कृपा प्राप्त होती है ।
  • यह नर्वस सिस्टम से जुडी बीमारियों में फायदा देती है उन्हें ठीक करती है ,माइग्रेन ,क्लॉटिंग आदि में लाभ देती है और जो ह्रदय रोगी है उन्हें भी ek mukhi rudraksha का बड़ा लाभ मिलता है।
  • Ek mukhi rudraksha एकाग्रता प्रदान करता है और इन्द्रियों को नियंत्रित करने की शक्ति प्रदान करता है।
  • इसे धारण करने से गुप्त शत्रुओ का भय नहीं रहता।
  • इसे धारण करने से आत्मविश्वास जागृत होता है। यह लीडरशिप प्रदान करता है।
  • एक मुखी रुद्राक्ष धारण करने से अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता तथा शरीर स्वस्थ और निरोगी रहता है।
  • एक मुखी रुद्राक्ष ही सब कुछ दे देता है।इसके बाद और कुछ धारण करने की आवश्यकता नहीं रहती है। यह इच्छा पूर्ति ,आर्थिक स्थिति ,पैसा और सफलता सब कुछ देता है।
  • राजनितिक लोगो ,प्रशासनिक अधिकारी और बड़े व्यापारीयो को भी इसे धारण करना चाहिए।
  • एक मुख वाला रुद्राक्ष गल्ले या अलमारी में रखने से वह स्थान कभी धन से खाली नहीं होता है।

एक मुखी रुद्राक्ष किस लग्न के लोग पहन सकते है

सूर्य मेष लग्न में पंचम भाव का स्वामी ,सिंह लग्न में लग्नेश ,और धनु लग्न में नवमेश अर्थात भाग्य स्थान का स्वामी होता है इसलिए मेष ,सिंह और धनु लग्न के जातक इसे धारण कर सकते है।

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एक मुखी रुद्राक्ष कैसे धारण करे(How to wear 1 Mukhi Rudraksha)

एक मुखी काजू आकार का रुद्राक्ष इसमें कोई छेद नहीं होता इसलिए इसे धागे में पिरोना संभव नहीं है। इसलिए एक मुखी काजूदाना को चाँदी में ढलवा कर इसका लॉकेट बनाया जाता है। इसके बाद आप इसे किसी भी चैन या धागे में पहन सकते है।

एक मुखी रुद्राक्ष धारण करने का मंत्र( 1 Mukhi Rudraksha Mantra)

एक मुखी रुद्राक्ष को धारण करने का मंत्र “ॐ ह्रीं नमः” है । इसे धारण करने के लिए रुद्राक्ष की माला से १०८ बार जप करना होता है।

एक मुखी रुद्राक्ष मंत्र,ek mukhi rudraksh mantra

विनियोग(Ek Mukhi Rudraksha Viniyoga)

अस्य श्री शिव मन्त्रस्य प्रासाद ऋषि: पंक्ति: छन्दः शिवो
देवता हंकारो बीजम् औं शक्तिः मम चतुर्वर्गसिद्ध्यर्थे एकमुखी रुद्राक्ष
धारणार्थे जपे विनियोगः।

न्यासः

वामदेव ऋषये नमः शिरसि।
पंक्तिश्छन्दसे नमो मुखे |
ऋ एम् ऐं नमः हृदि |
हं बीजाय नमो गुह्ये |
ओं शक्तये नमः पादयो |
ॐ ॐ ह्रां अंगुष्ठाभ्यां नमः |
ॐ ऐं ह्रीं तर्जनीभ्यांस्वाहा |
ॐ ह्रीं ह्रूं मध्यमाभ्यां वौषट् |
ॐ आं ह्रैं अनामिकाभ्यां हुं |
ॐ ऐं ह्रौं कनिष्ठिकाभ्यां वौषट् |
ॐ ह्रः करतलकरपृष्ठाभ्यां फट् इति करन्यासः ||

अथाङ्ग न्यासः

ॐ ॐ ह्रां हृदयाय नमः |
ॐ ऐं ह्रीं शिरसे स्वाहा |
ॐह्रैं ह्रूं शिखायै वौषट |
ॐ औं ह्रैं कवचाय हुम् |
ॐ ऐं ह्रौं नेत्रत्रयाय वौषट |
ॐ ॐ ह्रः अस्त्राय फट |

ॐ मृत्युञ्जय महादेव त्राहिमां शरणागतं |
जन्ममृत्यु जराव्याधि पीडितं कर्म बंधनै: ||

मानसोपचार पूजा

ॐ लं पृथिव्यात्मक गन्धं परिकल्पयामि |
हे प्रभु में आपको पृथ्वीरूप चंदन अर्पण करता हूँ ।
ॐ हं आकाशात्मकं पुष्पं परिकल्पयामि |
हे प्रभु में आपको आकाशरूपी पुष्प अर्पण करता हूँ |
ॐ यं वाय्वात्मकं धूपं परिकल्पयामि |
हे प्रभु में आपको वायुदेव रूपी धूप अर्पण करता हूँ।
ॐ रं वह्न्यात्मकं दीपं दर्शयामि |
हे प्रभु में आपको अग्निदेव के रूप में दीपक प्रज्वलित करता हूँ।
ॐ वं अमृतात्मकं नैवेद्यं निवेदयामि |
हे प्रभु में आपको अमृत रूपी नैवेद्य अर्पण करता हूँ।
ॐ सौं सर्वात्मकं सर्वोपचारं परिकल्पयामि |
हे प्रभु में सर्वात्म रूप से आपको संसार की सभी पूजा सामग्री आपको समर्पित करता हूँ आप स्वीकार करे और प्रसन्न हो |

इसके आलावा हमें ॐ नमः शिवाय का रोज १०८ बार जप करना चाहिए जिससे यह रुद्राक्ष हमसे जुड़ जाता है।

एक मुखी रुद्राक्ष किस ग्रह के लिए है(1 Mukhi Rudraksha Planet)

एक मुखी रुद्राक्ष सूर्य ग्रह के लिए है और सूर्य के प्रभाव में वृद्धि करता है।

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एक मुखी रुद्राक्ष सद्गुरु के विचार(One Mukhi Rudraksha By Sadhguru)

ईशा योग के सद्गुरु जी ने अपने एक वीडियो में बताया था की अगर आप एक मुखी रुद्राक्ष को धारण करते है तो आप बारह दिनों के अंदर अपने परिवार को छोड़ देंगे। कहने का तात्पर्य यह की अगर आप अपने परिवार में रहे या नहीं यह रुद्राक्ष आपमें एक अलग ही तरह की ऊर्जा भर देगा जिससे आप अकेले रहने लग जायेंगे आपको एकांतप्रिय बना देगा। आप दूसरो के साथ रहना पसंद नहीं करेंगे।

एक मुखी रुद्राक्ष के बारे में पंडित प्रदीप मिश्रा के विचार

पंडित प्रदीप मिश्रा जी के अनुसार १ मुखी रुद्राक्ष लक्ष्मी की वृद्धि के लिए होता है। यह जितना छोटे से छोटा होता है उतना सुख देता है। यह कार्य सिद्धि के लिए होता है। सरस्वती का भाव पैदा करता है। जिस घर में होता है वह सुख समृद्धि होती है और इसे धारण करने वाला सुख सुविधाओं से संपन्न हो जाता है।

एक मुखी रुद्राक्ष धारण करने में सावधानियाँ(1 mukhi rudraksha precautions)

  • एक मुखी रुद्राक्ष को पहली बार धारण करने पर आपको बेचैनी मानसिक तनाव भी हो सकता है।लेकिन अगर आपको यह सूट हो जाता है तो आप इसे अपने आप से अलग नहीं कर पाते।
  • अगर आपको ऐसा लग रहा है की यह आपको सूट नहीं हो रहा तो आप इसे अपने घर के मंदिर में भी स्थापित कर सकते है।
  • एक Mukhi Rudraksha धारण करने के बाद मदिरा ,नॉनवेज ,अंडे आदि का सेवन नहीं करना चाहिए नहीं तो इससे इसके नकारात्मक प्रभाव भी हमें मिलते है। प्याज लहसुन को भी प्रयोग में नहीं लाना चाहिए ।
  • अगर आप साबुन या शैम्पू का प्रयोग करते है तो नहाते वक़्त इसे उतार दे। लेकिन अगर आप किसी नदी में स्नान करते है या बिना किसी साबुन के नहाते है तो इसे पहने रख सकते है।
  • रात को सोते समय भी रुद्राक्ष को निकाल देना चाहिए।

एक मुखी रुद्राक्ष की कीमत(1 mukhi rudraksha price in india)

हरिद्वार और रामेश्वर के 1 मुखी रुद्राक्ष की कीमत १००० रूपये के आस पास होती है। यह काजूदाना के नाम से जाना जाता है। कुछ लोग इन्ही रुद्राक्ष को ५००० से ज्यादा में भी बेच देते है। एक मुखी इंडोनेशियन रुद्राक्ष की कीमत ३००० के आस पास होती है। लेकिन एक मुखी गोल रुद्राक्ष की कीमत बता पाना मुश्किल है क्योंकि यह काफी दुर्लभ होता है इसलिए कोई भी एक मुखी गोल रुद्राक्ष आपको सस्ते में दे तो इसपर संदेह करना चाहिए।

FAQ:

1 एक मुखी रुद्राक्ष दुर्लभ है ?

1 मुखी गोल रुद्राक्ष दुर्लभ है लेकिन काजू आकर का एक मुखी भारतीय रुद्राक्ष मिल जाता है।

1 मुखी रुद्राक्ष काजूदाना की कीमत क्या है?

1 मुखी काजूदाना रुद्राक्ष की कीमत १००० रुपये के आस पास होती है।

1 मुखी रुद्राक्ष रुद्राक्ष कब पहने ?

अगर आपकी कुंडली में सूर्य कमजोर हो या आपमें आत्मविश्वास की कमी हो। इसके अलावा अगर आप एक शिवभक्त है तो इसे धारण कर सकते है।

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