Surya Grah ke Upay सूर्य ग्रह को मजबूत करने के उपाय और मंत्र

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Surya Grah ke Upay: सूर्य को जगत पिता कहा गया है इसी की शक्ति से समस्त ग्रह चलायमान है।सूर्य ग्रहो का राजा भी है। सूर्य आत्म कारक एवं पिता का कारक है, पुत्र, राज्य, सम्मान, पद, भाई, शक्ति, चिकित्सा, पितरो की आत्मा, स्‍वर्ण, तांबा, फलदार वृक्ष, छोटे वृक्ष, गेंहू, भगवान भोले नाथ और राजनीति का कारक ग्रह है। जब कुंडली में सूर्य मजबूत स्थिति में होता है तो इन्ही परिणामो में फायदा होता है और जब कमजोर स्थिति में होता है तो व्यक्ति को नौकरी और सरकार से सम्बंधित चीजों में नुक्सान उठाना पड़ता है। आइये देखते है की (Surya ke Upay) सूर्य ग्रह को मजबूत कैसे करे।

surya grah ke upay,सूर्य ग्रह को मजबूत करने के उपाय

सूर्य ग्रह के बारे में जानकारी (Surya grah in astrology)

  • सूर्य महर्षि कश्यप के पुत्र है और इनकी माता का नाम अदिति है जो दक्ष प्रजापति की पुत्री हैं।
  • सूर्य ग्रह सिंह राशि का स्वामी है और यही इसकी मूल त्रिकोण राशि भी है।
  • मेष राशि में सूर्य उच्च होता हैं एवं तुला राशि में नीच।
  • सूर्य से सम्बन्धित नक्षत्र कृतिका, उत्तराषाढा और उत्तराफ़ाल्गुनी हैं।
  • चन्द्र, मंगल, गुरु ग्रह सूर्य के मित्र हैं, शनि और शुक्र शत्रु तथा बुध के साथ सूर्य सम भाव रखता है।
  • गुरु सूर्य का परम मित्र है,दोनो के संयोग से जीवात्मा का संयोग माना जाता है। गुरु जीव है तो सूर्य आत्मा।
  • लग्न से दशम भाव में बलि होता है और मकर से 6 राशि पर्यन्त इसे चेष्टा बल प्राप्त होता है।
  • सूर्य जब आर्द्रा नक्षत्र में प्रवेश करता है, तभी से औपचारिक रूप से वर्षा ऋतू का प्रारम्भ माना जाता है।

सूर्य ग्रह के मंत्र (Surya Grah Mantra)

सूर्य ग्रह की शांति और बल के लिए निम्न मंत्रो का जप किया जाता है।

सूर्य वैदिक मंत्र (Surya Vedic Mantra)

ॐ आकृष्णेन रजसा वर्तमानो निवेशयन्न मृतं मर्त्त्यंन्च हिरण्येन सविता रथेना देवो याति भुवनानि पश्यन्।

सूर्य के वैदिक मंत्र का सात हजार (7000) जप करना चाहिए। वैदिक मंत्र से सूर्य भगवान को प्रातः काल जल का अर्घ्य सिंदूर या लाल फूल डालकर देना चाहिए।

सूर्य तात्रिंक मंत्र (Surya Tantrik Mantra)

ॐ ह्रां हृीं हृौं सः सूर्याय नमः
ॐ घृणि सूर्याय नमः

सूर्य के उपर्युक्त मंत्र का जप अठ्ठाईस हजार (28000) करना चाहिए।

सूर्य गायत्री मंत्र (Surya Gayatri Mantra)

ॐ आदित्याय विदमहे दिवाकराय धीमहि तन्नो सूर्यः प्रचोदयत।।

ओम, मुझे सूर्य देव का ध्यान करें, दिन के निर्माता, मुझे उच्च बुद्धि दें,
और सूर्य देव मेरे मन को रोशन करें।

सूर्य ग्रह के उपाय (Surya grah ke upay)

आराध्य देव

सूर्य के लिए आराध्य देव विष्णु भगवान है।

सूर्य के लिए हवन

समिधा में आक की लकड़ी को उपयोग में लाना चाहिए।

सूर्य के लिए दान

सूर्य ग्रह की शांति के लिए सोना, माणिक्य, तांबा, गेहूं, गुड़, घी, पुष्प, केसर, मूंगा, लाल गाय, रक्त वस्त्र, रक्त, चामर, रक्त चंदन रविवार को दान करना चाहिए। वस्तुओं का दान रविवार के दिन दोपहर में ४० से ५० वर्ष के व्यक्ति को देना चाहिए।

सूर्य के लिए औषधि स्नान

सूर्य ग्रह की शांति के लिए मैनसिल, इलायची, देवदारू, केसर, खस, मूलहट्टी, रक्त पुष्प, को जल में डाल कर स्नान करना चाहिए।

सूर्यवार व्रत

ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष के प्रथम रविवार से प्रारंभ कर कम से कम 12 और अधिक से अधिक 30 व्रत (11, 12, 21, 30) रखें। सूर्यास्त से पूर्व गेहूं की रोटी, गुड़ या गुड़-गेहूं-घी से बना हलुआ खाएं। नमक बिल्कुल नहीं खाना चाहिए। दिन में लाल वस्त्र धारण करें तथा लाल चन्दन का तिलक लगाए।

ग्रह पीड़ा निवृत्ति हेतु सूर्य यंत्र (Surya Yantra)

सूर्य के यंत्र को भोजपत्र पर अष्टगंध से अनार की कलम से रविवार को लिख कर पंचोपचार पूजन कर, अथवा ताम्र पत्र पर गुरु पुष्य, रवि पुष्य, अमृत योग काल उत्कीर्ण करा कर लाल धागे में गूंथ कर गले या बांह में रविवार को प्रातः काल धारण करना चाहिए।

surya yantra ki photo, सूर्य यंत्र

सूर्य के लिए रत्न धारण (gemstone for Sun)

सूर्य का रत्न मणिक्य स्वर्ण या ताम्र की अंगूठी में बनवाकर रविवार को कच्चे दूध एवं गंगा जल से धो कर, प्राण प्रतिष्ठा ब्राह्मणों से करा कर या सूर्य के किसी तांत्रिक मंत्र को ग्यारह बार पढ़ कर सीधे हाथ की अनामिका उंगली में धारण करना चाहिए।

सूर्य के लिए रुद्राक्ष(Surya Rudraksha)

बारह मुखी रुद्राक्ष भगवान सूर्य के बारह रूपों के ओज, तेज और शक्ति का केन्द्र बिन्दू है। इसे जो भी पहनता है उसे हर तरह का धन वैभव ज्ञान और सभी तरह के भौतिक सुख मिलते है।

एकमुखी रुद्राक्ष की पूजा करें अथवा धारण करें।

इसके साथ ही पंचमुखी रुद्राक्ष धारण करें और स्वास्थ्य के लिए तीनमुखी या छह मुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिए।

सूर्य के लिए औषधि धारण

रविवार प्रातः काल बिलपत्र की जड़ का टुकड़ा लाल कपड़े में सील कर गंगाजल से यंत्र को धो कर, सीधे हाथ में धारण करना चाहिए।

सूर्य के लिए सामान्य उपाय Surya Grah Ke Upay Remedies

  • सूर्य शिव के मंदिर में रहता है अतः शिव मंदिर में भोलेनाथ की पूजा अर्चना करनी चाहिए।
  • 11 या 21 रविवार तक गणेश जी पर लाल फूलों चढ़ाएं |
  • तांबे का कड़ा धारण करे।
  • रोज 12 ज्योतिर्लिंगों के नामों का स्मरण करें।
  • सूर्य को मजबूत करने के लिए सूर्य को ताम्बे (ताम्र) के लोटे से “जल, गंगाजल, चावल, लाल फूल(गुडहल आदि), लाल चन्दन” मिला कर अर्घ्य दें । जल देते समय ॐ अदित्याये नमः अथवा ॐ घृणि सूर्याय नमः का जाप करे ।
  • सूर्य को बली बनाने के लिए व्यक्ति को प्रातःकाल सूर्योदय के समय उठकर लाल पुष्प वाले पौधों एवं वृक्षों को जल से सींचना चाहिए।
  • सुबह को सूर्य को नमस्कार करना चाहिये,यह सूर्योदय के समय ठीक रहता है।
  • सूर्य कुंडली में अशुभ है तो नदी की धारा में तांबे के पैसे फेकें।
  • गायों को गुड़ और गेंहूं रविवार को खिलाना चाहिये।
  • विष्णु भगवान का पूजन करें।
  • आदित्य हृदय स्तोत्रम् का पाठ चालीस दिन करना चाहिए।
  • एक चीज का ध्यान रखना चाहिए कि सूर्य के कारक वस्तुओं का दान कभी भी सुबह या शाम के समय नहीं करना चाहिए । यह सूर्य को कमजोर करता है। इसे दोपहर के समय दान करना चाहिए जब सूर्य मजबूत होता है।
  • हाथ में घड़ी अवश्य पहने।
  • रात्रि में ताँबे के पात्र में जल भरकर सिरहाने रख दें तथा दूसरे दिन प्रातःकाल उसे पीना चाहिए। सुबह किसी भी अवस्था में सूर्योदय से पहले ही उठकर ताम्बे के बर्तन का पानी पियें।
  • किसी भी कार्य को प्रारंभ करने से पूर्व थोडा मीठा मुहँ में डाल कर पानी पी लें।
  • लाल चन्दन या केशर का तिलक लगायें।
  • सुर्यानर मंदिर कुम्भकोनम या सूर्य मंदिर कोणार्क की तीर्थयात्रा करें।
  • सूर्य यदि शनि या राहू के साथ हो तो विधिवत रुद्राभिषेक करवाना चहिये।
  • हाथ में मोली (कलावा) छः बार लपेटकर बाँधना चाहिए।
  • सूर्य अगर संतान प्राप्ति में बाधक है तो हनुमानजी को चोला चढ़ाएँ, चने का भोग लगाएँ, बंदरों की सेवा फल से करें, हरिवंश पुराण सुने।
  • नेत्रों में रोग का कारण सूर्य होने पर सूर्य को अर्घ देते समय नेत्रापनिषद का पाठ करें।
  • सूर्य किसी भी लग्न की कुंडली में स्त्री राशि (कर्क तुला या वृष) में हो तो भगवती गायत्री की उपासना करें तथा गायत्री मंत्र का जाप करें।
  • घर में खुला हुआ आँगन होना चाहिए जहाँ सूर्य का प्रकाश आये।
  • रविवार को किसी भी मंदिर में ताम्बे का दीप जलाकर मंदिर में ही छोड़ कर चले आयें। आपके कार्यक्षेत्र में आने वाली बाधा समाप्त होगी।
  • सरकारी नौकरी में यदि स्थानान्तरण का भय हो तो सूर्योदय के समय तांबे के लोटे में जल लेकर उसमे लाल मिर्च के 21 दाने डालकर नित्य सूर्य को अर्ध्य दें।
  • अगर धन भाव में सूर्य समस्या दे रहा तो बहते जल में गुड़ बहायें। मधु और दूध पीएं तथा अग्नि को दूध दें।

आप अपनी कुंडली की स्थिति को देखकर सूर्य ग्रह के विभिन्न उपायों को प्रयोग में ला सकते है। सूर्य के उपाय (Surya grah Ke Upay) से सम्बन्धी किसी भी जानकारी के लिए आप कमेंट कर सकते है। अगर आपको पोस्ट पसंद आयी हो तो आप इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करे।


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